योजनाओं की संतृप्ति और शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण तथा त्वरित निराकरण के लिए कलेक्टर ने दिए अधिकारियों को निर्देश
इंदौर।विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और मानसिक सहयोग के उद्देश्य से जिले में “अपनत्व अभियान” प्रारंभ किया जा रहा है। इस अभियान के तहत वरिष्ठ अधिकारियों को हॉस्टल आवंटित किए गए हैं। यह जानकारी सोमवार को कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में दी गई। बैठक में बताया गया कि अधिकारी हॉस्टल में रह रहे विद्यार्थियों से संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं समझेंगे और अभिभावक की भूमिका निभाते हुए उन्हें मार्गदर्शन देंगे। साथ ही हॉस्टलों में लाइटिंग, टॉयलेट और अन्य आधारभूत सुविधाओं की भी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। बैठक में वर्मा ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी आवंटित हॉस्टलों का संवेदनशीलता के साथ निरीक्षण करें। इंदौर जिले में प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता, जवाबदेही और जनसंतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को हुई समय-सीमा पत्रों (टीएल) की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के त्वरित, सकारात्मक और गुणवत्तापूर्ण निराकरण, लंबित प्रकरणों की समीक्षा, जनकल्याणकारी योजनाओं की संतृप्ति, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधार जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में कलेक्टर वर्मा ने निर्देश दिए कि जिले में सीएम हेल्प लाईन के तहत दर्ज प्रत्येक शिकायत का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए और शिकायतकर्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में उन्होंने रेण्डम रूप से विभिन्न विभागों में दर्ज शिकायतों के निराकरण की समीक्षा की। इस दौरान जिन विभागों द्वारा शिकायतों के निराकरण में लापरवाही या देरी पाई गई, उन्हें सख्त चेतावनी दी गई। गंभीर लापरवाही वाले मामलों में संबंधित अधिकारियों पर पेनल्टी लगाई गई। साथ ही अतिरिक्त विलंब वाले मामलों की जांच के लिए जॉइंट कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है। बैठक में कलेक्टर ने चिन्हित महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं को जिले में संतृप्ति स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए। लक्ष्य यह है कि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे। इन योजनाओं की नियमित समीक्षा टीएल बैठकों में की जाएगी। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में दूषित जल के उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। बताया गया कि जिन फैक्ट्रियों में एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट ईटीपी संचालित नहीं हो रहे हैं, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। उद्योगों के संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वैकल्पिक रूप से पंजीकृत ईटीपी प्लांट में कंटेनर के माध्यम से अपशिष्ट भेजें। नियमों का पालन नहीं करने पर सीलिंग और एफआईआर जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यह रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ डॉ. परीक्षित झाडे, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन, अपर आयुक्त नगर निगम आकाश सिंह, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पंवार, निशा डामोर, रोशन राय, रिंकेश वैश्य सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में कलेक्टर वर्मा ने इंदौर में सुगम यातायात बनाए रखने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए प्रमुख चौराहों पर लेफ्ट टर्न फ्री करने, आवश्यक सुधार कार्य करने, सौन्दर्यीकरण करने, लिंक रोड से अतिक्रमण हटाने तथा नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस के समन्वय से कार्य करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट समाप्त करने की दिशा में भी कार्य किया जाए। साथ ही निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहनों की पार्किंग भी निश्चित करायी जाए। बताया गया कि साथ ही विभिन्न एजेंसियों द्वारा बनाए जा रहे फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स की भी सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि सभी विकास कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और सुगम जीवन मिल सके। बैठक में संकल्प से समाधान अभियान की प्रगति की समीक्षा भी की गई। बैठक में जल सुनवाई के प्रभावी आयोजन के निर्देश दिए गए।
निर्वाचन कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर चार कर्मचारियों को नोटिस जारीनिर्वाचन कर्तव्य में लापरवाही बरतने एवं आदेश की अवहेलना करने पर विद्युत विभाग के चार कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा ने कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए 24 घंटे में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के माध्यम से जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गये हैं। समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।
जिन कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है उनमें राजेश गुप्ता-सहायक यंत्री, भाग्यश्री-सहायक यंत्री, अजय कुमार-सहायक यंत्री और ब्रजेन्द्र दुबे-कनिष्ठ यंत्री शामिल हैं। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा इनकी ड्यूटी विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 अंतर्गत लॉजिकल ईरर/नो मेपिंग के कार्य हेतु लगायी गई थी, परंतु ये अपने कर्तव्य पर उपस्थित नहीं हुए। निर्वाचन शाखा द्वारा इनसे लगातार संपर्क करने पर भी कोई उचित प्रतिक्रिया नहीं दी गई।