भोपाल। राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों का पदवृद्धि और शीघ्र नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन दूसरे दिन मंगलवार काे भी जारी रहा। मंगलवार को वर्ग-दो और वर्ग-तीन के हजारों अभ्यर्थी आंबेडकर पार्क और डीपीआई कार्यालय के बाहर डटे रहे। सरकार से कोई ठोस आश्वासन न मिलने से नाराज अभ्यर्थियों ने भूख हड़ताल जारी रखते हुए विरोध का तरीका और तीखा कर दिया।आंदोलन के दूसरे दिन अभ्यर्थियों ने सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए अनोखा और भावनात्मक विरोध प्रदर्शन किया। कई अभ्यर्थी अर्धनग्न अवस्था में बैठे और उन्होंने सिर मुंडवाकर अपना आक्रोश जताया। कुछ अभ्यर्थियों ने अपनी प्रतीकात्मक मार्कशीट जलाकर विरोध दर्ज कराया और डीएड व बीएड जैसे कोर्स करने को लेकर सरकार से प्रतीकात्मक रूप से “माफी” मांगते हुए व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
सरकार पर अनदेखी का आरोप
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से पदवृद्धि की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते आ रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार या संबंधित विभाग की ओर से कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कम पदों पर भर्ती और नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
सुनवाई तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
अभ्यर्थियों ने साफ कहा है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, अहिंसक और लोकतांत्रिक है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने को लेकर जल्द निर्णय लिया जाए और इसकी स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन और भूख हड़ताल जारी रहेगी।