New Delhi Health News: आमतौर पर माना जाता है कि जो लोग फिट रहते हैं, नियमित एक्सरसाइज करते हैं और हाई बीपी या डायबिटीज जैसी बीमारियों से दूर हैं, उन्हें हार्ट अटैक का खतरा नहीं होता। लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार कई ऐसे छिपे हुए कारण होते हैं, जिनकी वजह से पूरी तरह हेल्दी दिखने वाले लोगों को भी हार्ट अटैक आ सकता है।
हेल्दी लाइफस्टाइल के बावजूद क्यों बढ़ता है जोखिम?
दिल की सेहत सिर्फ खानपान और फिटनेस पर निर्भर नहीं करती। जेनेटिक्स यानी पारिवारिक इतिहास एक बड़ा जोखिम कारक है। अगर परिवार में कम उम्र में हार्ट डिजीज रही है, तो फिट होने के बावजूद खतरा बढ़ सकता है। उम्र बढ़ने के साथ जोखिम भी बढ़ता है। पुरुषों में 40 के बाद और महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हार्ट अटैक की संभावना ज्यादा देखी जाती है।
कुछ इन्फ्लेमेटरी बीमारियां जैसे सोरायसिस या रूमेटॉइड आर्थराइटिस भी दिल की धमनियों को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे प्लाक जमने और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
Hidden Risk Factors जिन्हें अक्सर नजरअंदाज किया जाता है
एक्सपर्ट्स के मुताबिक कई बार हाई कोलेस्ट्रॉल या हाइपरटेंशन बिना किसी लक्षण के मौजूद रहता है। इसलिए 20 साल की उम्र के बाद हर 4-6 साल में कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल की जांच जरूरी मानी जाती है।
लंबे समय तक रहने वाला स्ट्रेस भी बड़ा कारण बन सकता है, क्योंकि यह ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल दोनों को प्रभावित करता है।
Heart Attack Warning Signs जिन्हें न करें नजरअंदाज
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सीने में दबाव, जकड़न या हल्का दर्द
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जबड़े, गर्दन, कंधे या पीठ में दर्द
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अचानक सांस फूलना
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एक्सरसाइज के दौरान चक्कर या बेहोशी जैसा महसूस होना
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महिलाओं में ज्यादा थकान या हल्का चेस्ट डिस्कम्फर्ट
बचाव के आसान उपाय
रेगुलर हेल्थ चेकअप जैसे बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते रहें। परिवार की मेडिकल हिस्ट्री जानना और डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए योग, मेडिटेशन और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।