बरेली । उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली के विशारतगंज थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदगंज में सामूहिक नमाज को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गहरा गया है। गांव के करीब 200 हिंदू परिवारों ने अपने घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखकर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर जुमे को अलग-अलग घरों में सामूहिक नमाज अदा की जा रही है और शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। सोमवार को भी गांव में तनाव की स्थिति बनी रही, जिसके चलते पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में न तो मस्जिद है और न ही कोई सार्वजनिक इबादत स्थल। पहले मुस्लिम समुदाय के लोग पड़ोसी गांव जाकर जुमे की नमाज पढ़ते थे, लेकिन अब घरों की छतों और कमरों में सामूहिक नमाज अदा की जा रही है। बीते शुक्रवार को भी एक घर में नमाज पढ़े जाने का वीडियो बनाकर पुलिस को सौंपा गया। आरोप है कि कार्रवाई के बजाय शिकायतकर्ताओं को ही चेतावनी दी गई।
विवाद बढ़ने पर कई घरों की दीवारों और दरवाजों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिख दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्थिति नहीं बदली तो वे गांव छोड़ने को मजबूर होंगे। कुछ महिलाओं ने गाली-गलौज, अभद्रता और डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए। एक महिला ने रविवार रात फायरिंग होने का दावा कर दहशत का माहौल बताया।
गौरतलब है कि 16 जनवरी 2026 को भी घर में सामूहिक नमाज का मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लेकर चालान किया था। बाद में जमानत पर रिहाई हो गई थी। वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि गांव में इबादत के लिए कोई सार्वजनिक स्थान नहीं है, ऐसे में निजी घरों में नमाज पढ़ना गलत नहीं। थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि बिना अनुमति सामूहिक नमाज पढ़ने वालों को सख्त हिदायत दी गई है। फिलहाल पुलिस निगरानी में हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।