जबलपुर। शिवरात्रि महापर्व के अवसर पर मध्य प्रदेश के जबलपुर में मां नर्मदा के खारी घाट स्थित तट पर बने शिव पंचायतन मंदिर में सोमवार सुबह तक चार प्रहर का रुद्राभिषेक चलता रहा। पिछले दशकों से चले आ रहे इस तांत्रिक रुद्राभिषेक में शहर के जाने-माने जनप्रतिनिधियों, अधिकारी एवं भक्तजन उपस्थित रहते हैं।
इस कार्यक्रम के संयोजक और समरसता संगठन के अध्यक्ष संदीप जैन “गुड्डा” ने बताया की मां नर्मदा का यह खारीघाट जहां अस्थियां विसर्जन होती है, इस तट पर हजारों वर्ष पुराना पत्थरों से निर्मित शिव पंचायतन मंदिर है, जिसमें महादेव यहां अपनी साक्षात उपस्थिति दर्शाते हैं। वर्ष में शिवरात्रि के दिन शाम 6:00 बजे से अगले दिन सुबह 6:00 बजे तक 11 ब्राह्मण के द्वारा रुद्राभिषेक सहित अनेक स्रोतों से भगवान महादेव का नर्मदा के जल से अभिषेक किया जाता है।
सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह कि इस अभिषेक में शामिल होने वाले हर भक्त को एक आध्यात्मिक ऊर्जा का एहसास होता है। मध्य रात्रि के बाद से सुबह तक लोग उस रहस्यमई आध्यात्मिक ऊर्जा को महसूस करने के लिए उपस्थित रहते हैं। अस्थि विसर्जन घाट होने के कारण यह घाट आम दिनों में सन्नाटे से घिरा रहता है, परंतु शिवरात्रि के दिन इस जगह केवल चुनिंदा लोग ही पहुंचते हैं।जिज्ञासुओं के लिए यहां पर पराशक्ति के एहसास का एक अद्भुत मौका होता है। इस रुद्राभिषेक में शहर की जानी-मानी हस्तियां शामिल रहती है।