जबलपुर। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में हुई वकील की हत्या के विरोध में मप्र स्टेट बार काउंसिल के कॉल पर बुधवार को पूरे प्रदेश में सभी अधिवक्ता प्रतिवाद दिवस मनाया। जबलपुर में इस अवसर पर उच्च न्यायालय से लेकर सिविल न्यायालय तक अधिवक्ताओं ने पैरवी नहीं की।
गौरतलब है कि शिवपुरी में शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता संजय सक्सेना की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड के विरोध में जबलपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं और लंबे समय से लंबित ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ को तत्काल लागू करने की मांग तेज कर दी है।
वकीलों का कहना है कि वर्ष 2012 से प्रस्ताव लंबित है और ड्यूटी के दौरान अधिवक्ताओं पर हमले रोकने के लिए सख्त,गैर-जमानती प्रावधानों वाला विशेष कानून जरूरी है। उन्होंने अदालत परिसरों में सुरक्षा बढ़ाने, सीसीटीवी और पुलिस गश्त मजबूत करने तथा हाई-रिस्क मामलों में सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
मप्र स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष राधेलाल गुप्ता ने बताया की आय दिन अधिवक्ताओं के ऊपर प्रदेश में हमले हो रहे हैं। करेरा की घटना ने अधिवक्ताओं को हिला कर रख दिया है। जिसको लेकर हम लोगों ने एक मीटिंग बुलाई एवं पूरे प्रदेश में प्रतिवाद दिवस मनाने का कॉल दिया। जिसके कारण आज तहसील स्तर से लेकर हाईकोर्ट तक सारी जगह अधिवक्ताओं ने प्रतिवाद दिवस मनाया। पूरे प्रदेश के लगभग सवा लाख वकीलों ने आज कार्य का बहिष्कार किया। हम लोगों ने एक निर्णय लिया है कि सात दिवस के भीतर मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंप रहे हैं कि प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर यदि कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तो लाखों की संख्या में वकील भोपाल में एकत्रित होंगे जो कि संवैधानिक तरीके से आंदोलन करेंगे। यदि आवश्यकता पड़ी तो मुख्यमंत्री के बंगले का घेराव भी किया जाएगा। यह पत्र के माध्यम से हम लोगों का अल्टीमेटम है। इसकी जानकारी भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय न्याय मंत्री को भी दी जा रही है।