बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान ‘करप्शन रेट कार्ड’ विज्ञापन साझा करने के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कानूनी राहत मिली है। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ दायर निजी मानहानि की शिकायत को रद्द कर दिया है, जिससे उनके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही समाप्त हो गई है।
न्यायमूर्ति सुनील दत्त यादव की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि याचिका स्वीकार की जाती है और इस कार्यवाही को जारी रखना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। न्यायालय ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता (राहुल गांधी) के खिलाफ दर्ज कार्यवाही को रद्द किया जाता है।
दरअसल, यह मामला वर्ष 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर से जारी ‘करप्शन रेट कार्ड’ विज्ञापन से जुड़ा था। इस विज्ञापन में तत्कालीन भाजपा सरकार पर सार्वजनिक निर्माण कार्यों में 40 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगाया गया था। राहुल गांधी ने इस विज्ञापन को सोशल मीडिया पर साझा किया था, जिसके बाद इसे लेकर विवाद खड़ा हुआ।
इस संबंध में भाजपा नेता केशव प्रसाद ने राहुल गांधी के साथ-साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के खिलाफ निजी मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कांग्रेस नेताओं ने तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और भाजपा नेताओं की छवि धूमिल करने के लिए झूठे और भ्रामक विज्ञापन प्रसारित किए।
इस मामले में पहले 1 जून 2024 को मजिस्ट्रेट अदालत ने सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार को जमानत दी थी, जबकि 7 जून 2024 को राहुल गांधी को भी जमानत मिल गई थी। हालांकि, उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही जारी थी, जिसे अब उच्च न्यायालय ने पूरी तरह समाप्त कर दिया है।———-
