जबलपुर। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आज जिला जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण भोपाल से आये राज्य स्तरीय ट्रेनर द्वारा दिया गया। जिसमें जनगणना के कार्ययोजना के संबंध में विस्तार से बताकर कहा कि यह जनगणना वर्ष 1872 से 16वीं एवं स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी, पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। जनगणना दो चरणों में होगी। प्रथम चरण 1 मई से 30 मई 2026 जिसमें मकान सूचीकरण और मकानों की गणना तथा द्वितीय चरण फरवरी-मार्च 2027 में जनसंख्या की गणना की जायेगी। इस दौरान कहा गया कि जनगणना का कार्य निर्धारित सीमा समय पर किया जाता है, अत: समय सीमा में किसी भी प्रकार का विस्तार व परिवर्तन संभव नहीं है। प्रशिक्षण में 2027 की जनगणना की कार्ययोजना के संबंध में भी जानकारी दी गई। जिसमें जनगणना 2027 में स्व-गणना पोर्टल(SE पोर्टल), मोबाईल एप (HLO APP) के माध्यम से आंकड़ो का संकलन किया जायेगा। इसी क्रम में मकान सूचीकरण ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) वेब पोर्टल के माध्यम से मकानसूचीकरण ब्लॉक का सृजन की कार्ययोजना है। जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली वेब पोर्टल के माध्यम से मॉनिटरिंग की जायेगी। जिला जनगणना के लिए विस्तार से जानकारी देते हुए जिला स्तरीय अधिकारी, चार्ज अधिकारी, फील्ड ट्रेनर्स, मास्टर ट्रेनर्स, प्रगणक, पर्यवेक्षक आदि के संबंध में भी आवश्यक जानकारी दी गई। साथ ही जनगणना निदेशालय मध्यप्रदेश द्वारा जारी परिपत्र के संबंध में बताया गया। इस दौरान सभी एसडीएम व तहसीलदार मौजूद थे।
प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि यह दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में से एक है और इस बार जनगणना में डिजिटल साधनों का उपयोग किया जायेगा जिससे आंकड़े अधिक सटीक होंगे। उन्होंने डिजिटल माध्यम से जनगणना के लाभ भी बताये। ट्रेनर ने कहा कि जनगणना किसी देश में एक निश्चित समय पर प्रत्येक परिवार एवं प्रत्येक व्यक्ति की अधिकारिक पूर्ण गणना है, जिसमें उनके जनसांख्यिकीय, आर्थिक एवं सामाजिक आंकड़े शामिल होते है, अत: इसमें सावधानी से कार्य करना बहुत आवश्यक है। क्योंकि जनगणना के आंकड़ों का उपयोग विभिन्न कल्याणकारी योजना बनाने के साथ अन्य कार्यों में किया जाता है। मास्टर ट्रेनर ने कहा कि जनगणना में पहली बार लोग स्वगणना पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं, लेकिन यह फील्ड वर्क के 15 दिन पहले अर्थात 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक ही होगा। उन्होंने डाटा कलेक्शन और जांच की प्रक्रिया, सुपरवाइजर और प्रगणक, नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र में अलग-अलग चार्ज अधिकारी के संबंध में जानकारी दिया। जिसमें कहा कि नगरीय क्षेत्र में सीएमओ तथा ग्रामीण क्षेत्र में तहसीलदार चार्ज अधिकारी होंगे। उन्होंने जनगणना को एक मिशन मानते हुए उसकी सफलता के सभी आवश्यक पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकारी, प्रगणक और पर्यवेक्षक के कार्य व प्रशिक्षण पद्धतियों के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही प्रश्नोत्तरी सेशन आयोजित कर शंकाओं का समाधान भी किया गया।