कॉकरोच जनता पार्टी बोली- आंदोलन खत्म, तीनों मांगें पूरी: पहली- प्रधान का इस्तीफा, दूसरी- प्रदर्शनकारियों से केस वापसी, तीसरी- मुआवजा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया लेटर में लिखा है, “..यह पक्का करने के लिए कि जंतर-मंतर और पूरे देश में जो हालात हैं, उनसे देश विरोधी तत्वों को फायदा न हो, देश एकजुट रहे, भारत में छात्र कानूनी पचड़ों में न उलझें और अपनी पढ़ाई और अपने करियर पर ध्यान दें, मैंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र भेज दिया है…”
नई दिल्ली।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया। यह मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में कैबिनेट सदस्य का दूसरा ऐसा इस्तीफा है। पहला इस्तीफा 2018 में #मीटू आरोपों के बीच विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर का था। NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के लंबे प्रदर्शन और विपक्ष के दबाव के बाद यह फैसला लिया गया। धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए पत्र में वो सारे सुधार लिखे हैं जो उन्होंने अपने कार्यकाल में किया। उन्होंने लिखा है कि पिछले चार दशकों से वे छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा में अनियमितता सामने आने पर सरकार ने तुरंत सीबीआई को जांच सौंपी, परीक्षा रद्द की और 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की। अगले साल से सीबीटी मोड का फैसला भी लिया गया। उन्होंने जिम्मेदारी स्वीकार की और कहा कि परीक्षा माफिया से मेधावी छात्रों को बचाने का संकल्प लिया था। लेकिन पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से मन दुखी है।
यह व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं। जंतर-मंतर और देश भर की स्थिति का राष्ट्रविरोधी ताकतें फायदा न उठाएं, देश की एकता बनी रहे और छात्रों का भविष्य कानूनी उलझनों में न फंसे—इसीलिए इस्तीफा दिया। बच्चों को पढ़ाई और करियर पर फोकस करने दें।प्रधान ने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया तथा राष्ट्रसेवा को अपनी प्राथमिकता बताया। 25 जुलाई 2026, ये तारीख इतिहास के पन्नों में दर्ज की जाएगी। करीब 36 दिन से धरने पर बैठी कॉकरोच जनता पार्टी की मांग पूरी हुई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल तो सियासी गलियारों में विपक्षी नेताओं की आवाज बुलंद सुनाई पड़ रही है। विपक्ष इसे बड़ी जीत के दौर पर देख रहा है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आते ही जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल छा गया। छात्रों ने छात्र एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। राष्ट्रगान गाया। इस दौरान नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने स्टूडेंट्स के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा, क्या कह रहे थे, इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते। झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए। ‘उन्होंने कहा- सुबह हो गई मामू, जनता जाग गई। हम ऐसे नहीं जाएंगे कॉकरोच एक बार घुसता है तो आसानी से निकलता नहीं है।कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार को आंदोलन खत्म कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह के साथ प्रवक्ता सौरभ दास, आशुतोष रांका ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया। सौरभ दास ने कहा कि जंतर-मंतर मौजूद सभी प्रदर्शनकारी अब अपने घर लौट जाएं।रांका ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सरकार से 3 बार बातचीत हुई। हमारी तीनों मांगें मान ली गई हैं। इनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सभी केस वापस लिए जाएं और नीट पीड़ितों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए शामिल हैं।प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR हटाने की थी, जिसे भी सरकार ने मान लिया है। 15-20 केस दर्ज हुए हैं, उनकी कॉपी सरकार हमारे साथ साझा करेगी। यह कॉपी तीन-चार दिन में मिल जाएगी। भविष्य में CJP की टीम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। वही सौरव दास ने कहा, हमने सरकार के साथ एक ड्राफ्ट भी साझा किया है। इसे लिखित में मंगलवार तक देने का आश्वासन मिला है। एक करोड़ रुपए मुआवजे की मांग पर भी सहमति बनी है। यह राशि पीड़ित परिवारों को दी जाएगी। हमने सरकार के सामने पांच बिंदुओं का प्रस्ताव रखा है। शिक्षा सुधार पर चर्चा के लिए चार हफ्ते बाद फिर बैठक होगी। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि NEET से जुड़े आत्महत्या के मामलों में पीड़ितों के परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा- प्रदर्शनकारी अपना आंदोलन खत्म करें
नड्डा ने कहा, “मित्रों, आज सौरव के साथ हमारी तीसरी बैठक हुई। आज भी लंबी बातचीत हुई। उन्होंने चार पॉइंट दिए और उनकी मांगों पर चर्चा हुई। सबसे पहली मांग थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। वहीं, पांच बिंदुओं के प्रस्ताव पर हमारा कहना है कि परीक्षा सुधार के लिए चिंतन करेंगे और फिर इन्हें इसकी जानकारी देंगे।”नड्डा ने कहा, “सरकार ने मांगों को मान लिया है। मेरा निवेदन है कि प्रदर्शनकारी अपना आंदोलन खत्म करें।” इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया और कहा, “सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं। इसलिए हम तुरंत प्रदर्शन खत्म करने की अपील करते हैं। आगे की जानकारी बाद में देंगे।”
अभिजीत दीपके ने CJI सूर्यकांत को धन्यवाद कहा
अभिजीत दीपके ने कहा, ‘मैं सीजेआई सूर्यकांत को हमें ‘कॉकरोच’ कहने के लिए धन्यवाद देता हूं। अगर आपने हमें कॉकरोच न कहा होता, तो धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते।’
वांगचुक ने कहा- यह लोकतंत्र की जीत है
सोनम वांगचुक ने कहा कि सीधा लोकतंत्र, जो सड़कों से निकला है। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। CJP और देश की ‘जेन जी’ (Gen Z) को बधाई और उन सभी नागरिकों का धन्यवाद जिन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज उठाई।
प्रियंका गांधी ने कहा- अब हर सरकार को जनता की सुननी होगी
प्रियंका गांधी ने कहा- बच्चों को लाठी से पीटा गया। आज के बाद इस देश का हर शासक याद रखेगा की आपको जनता की सुननी होगी। पूरे देश में छात्रों ने प्रदर्शन किया। ये उनकी जीत है। कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी पूरी क्षमता से छात्रों का समर्थन किया। राहुल गांधी भी लगातार पिछले 2-3 सालों से छात्रों से मुद्दे पर डटे हुए हैं। आज RSS ने भारत की पूरी शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है।
राहुल गांधी ने कहा- शाबाश देशभर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
केजरीवाल बोले- सुनिश्चित करें कि भविष्य में कभी पेपर लीक न हो
अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘सब कहते हैं कि सरकार कभी झुकती नहीं है, पर इस सरकार को झुकना पड़ा। सरकार की यह जिम्मेदारी है ही कि वह प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मांग सुने। मैं उन्हें बधाई देता हूं। सरकारें अब यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में कभी पेपर लीक न हो।
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 15 FIR
प्रदर्शन के देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग रास्तों पर 18 डीसीपी (DCP) तैनात किए हैं और अब तक करीब 15 FIR दर्ज की हैं। पुलिस का कहना है कि यदि सीजेपी (CJP) या कोई अन्य पक्ष कोई आरोप लगाता है, तो उसकी जांच की जाएगी और तथ्यों को उसी के अनुसार साझा किया जाएगा।


