इंदौर : मध्य प्रदेश राज्य परिवहन निगम बंद होने के बाद एक बार फिर प्रदेश में नए सिरे से मोबिलिटी क्रांति की शुरुआत हो रही है। इसके तहत राज्य में फिर करीब 25 साल बाद 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बसों का संचालन शुरू हो जाएगा शुक्रवार को इंदौर में मुख्यमंत्री ने राज्य की परिवहन नीति और नेक्स्ट जेनरेशन मोबिलिटी के तहत मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन सेवा की औपचारिक शुरुआत की।
निजी बस संचालकों की मनमानी नहीं चलेगी
फिलहाल राज्य में स्थानीय मार्गों पर 5500 बसों का संचालन हो रहा है। इसके बावजूद बसें चलाने के लिए 2005 से अब तक कोई सरकारी सिस्टम अथवा किराया और सुरक्षा के साथ यात्री हितों की निगरानी के लिए कोई सरकारी व्यवस्था नहीं थी। ऐसी स्थिति में प्रतिदिन निजी अथवा अनुबंध बसों में यात्रा करने वाले यात्री ऑपरेटर की मनमानी और व्यवस्था के शिकार होते है। इस स्थिति में 1 अप्रैल को राज्य कैबिनेट ने फिर नए सिरे से बसें चलाने का फैसला किया और किसी के साथ इसी साल 3 जुलाई को परिवहन विभाग की निगरानी में मध्य प्रदेश यात्री परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नामक कंपनी के गठन के साथ अब औपचारिक रूप से सरकारी बसें चलने की घोषणा हो गई। संभाग स्तर पर बसों का संचालन राज्य में फिलहाल 55 जिलों के बस रूट तैयार कर लिए गए है। कंपनी के ऑपरेशन के लिए विशेषज्ञों के 11090 पद मंजूर किए गए है। यह कंपनी राज्य परिवहन निगम की तरह ही संभाग स्तर पर बसों का संचालन करेगी, जो राज्य के 150 सिटी बस के रूट के अलावा इंटरसिटी मार्ग के 450 और इंटर स्टेट सड़कों पर 436 रूट पर बसों का संचालन करेगी। अनुबंध की जाने वाली बसों में पैनिक बटन, जीपीएस, सीसीटीवी की सुरक्षा भी रहेगी। नई बस नीति में इलेक्ट्रिक बस और सीएनजी बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।
25 सितंबर को बस सेवा का होगा शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा की आमजन के लिए सार्वजनिक परिवहन का विशेष महत्व है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा से प्रदेश के लोगों को बेहतर और आसान आवागमन की सुविधा मिलेगी। प्रदेश में 15 हजार से अधिक बसों और 5 लाख किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क है। मध्य प्रदेश में धार्मिक और पर्यटन गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है। प्रदेश में हर साल 20 करोड़ से अधिक पर्यटक आ रहे है। बढ़ते पर्यटन को देखते हुए प्रदेश में सुगम परिवहन व्यवस्था की जरूरत और बढ़ गई है।
हर तरह के एक्सपर्ट शामिल-मनीष सिंह
सचिव परिवहन मनीष सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सुरक्षित, सुविधाजनक, किफायती और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ की गई है। उन्होंने समिट के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की आवश्यकता, पृष्ठभूमि, नवीन व्यवस्था के सृजन, व्यवस्था के तीन प्रमुख स्तंभ और संस्थागत संरचना का अपने संबोधन में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवाईपीआईएल) की स्थापना कर बस संचालन, आईटीएमएस और परिवहन अधोसंरचना को पीपीपी मॉडल पर एकीकृत रूप से विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के 55 जिलों का रूट सर्वे किया जा चुका है तथा डेटा आधारित लगभग 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट मार्ग विकसित किए जाएंगे। बसों में सीसीटीवी, जीपीएस, पैनिक बटन एवं रियल टाइम मॉनिटरिंग के साथ ईवी और सीएनजी बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। सचिव सिंह ने कहा कि समिट के माध्यम से बस ऑपरेशन, अधोसंरचना, यात्री सुरक्षा, ग्रीन मोबिलिटी, एकीकृत टिकटिंग और ऑपरेटरों की वित्तीय साध्यता पर विभिन्न हितधारकों के साथ मंथन कर PPP आधारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग मॉडल और आधुनिक ITMS का रोडमैप तैयार किया जाएगा। हमारा लक्ष्य प्रदेशवासियों को “सही बस, सही मार्ग और सही समय” के अनुरूप विश्वसनीय परिवहन सेवा उपलब्ध कराना है।

