कमलनाथ और भाजपा सरकार के साथ अब अडानी भी शामिल, 12 हजार करोड़ का करार
क्या कभी आपने ऐसा सुना या देखा है कि बिना कोई सामान खरीदे ही इसका लगातार भुगतान होता रहे लेकिन यह भारत है सब कुछ संभव है और जब सरकार में बैठे नेताओं के निजी जब का फायदा हो तो जनता के गाढ़े पसीने टैक्स के रूप में लिया गया पैसा किस कदर लुटाया जाता है इसका उदाहरण कहीं और नहीं इसी अनूपपुर जिले में मौजूद है मोजर बेयर पावर प्लांट जो अब हिंदुस्तान लिमिटेड में बदल चुका है और यह कहने को तो कांग्रेस के सबसे बड़े नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का है लेकिन इस लूट की कहानी में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री डा मोहन यादव का भी साथ है.
अनूपपुर/रामबाबू चौबे। उसे समय मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे शिवराज सिंह चौहान कमलनाथ के परिवार की कंपनी मुझे वेयर पावर प्लांट के बीच मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के साथ पी पी ए मॉडल के तहत एक एग्रीमेंट होता है जिसमें एक शर्त रखी जाती है कि जिस दिन से पावर प्लांट में बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा उसे दिन से 30′ विद्युत उत्पादन मध्य प्रदेश की सरकार को खरीदना पड़ेगा वैसे यह एग्रीमेंट देखने या सुनने में कहीं से भी गलत नहीं लगता है लेकिन इस एग्रीमेंट के पीछे जो एक और शर्त थी वह यह थी कि सरकार विद्युत खरीदे या ना खरीदे उसे 30′ विद्युत उत्पादन का भुगतान हर हालत में करना ही पड़ेगा. फिलहाल यह शक्ति बड़ा बेतुका लग रही थी लेकिन सौदा भाजपा और कांग्रेस के दो बड़े नेताओं के बीच का था और यह भी तय था कि इसमें कहीं ना कहीं सरकार को ही नुकसान उठाना पड़ेगा लेकिन फायदा तो इन्हीं नेताओं को था इसलिए इस एग्रीमेंट पर साइन हो गया और आज यही एग्रीमेंट हजारों करोड़ों की लूट की एसी गाथा बना रहा है कि अब इस लूट की कहानी में मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से लेकर भारतीय जनता पार्टी के सबसे बड़े चाहते उद्योगपति गौतम अडानी भी शामिल हो चुके हैं. बाद पिछले लूट की ही अभी यहां पर हो रही है मोजर बेयर में विद्युत उत्पादन का कार्य शुरू हुआ इसी दौरान मध्य प्रदेश अपनी सरकारी एजेंटीयों के द्वारा विद्युत उत्पादन में सर प्लस हो गई लेकिन मोजर बेयर के साथ एग्रीमेंट था और इस एग्रीमेंट के तहत प्रतिवर्ष 30′ विद्युत उत्पादन का भुगतान मध्य प्रदेश सरकार करती रही फिलहाल सही आंकड़ा तो अभी उपलब्ध नहीं है लेकिन एक अनुमान के तहत बिना बिजली खरीदे ही मध्य प्रदेश सरकार को मोजर बेयर कंपनी को हजारों करोड़ों का लाभ पहुंचा दिया गया. यह एग्रीमेंट 20 सालों के लिए था और जब देश के अन्य उद्योगपतियों की नजर इस अनुठे बेतुके एग्रीमेंट पर पड़ी तो वह भी इसका फायदा उठाने के लिए मैदान में उतर चुके हैं और नई कयावत की जगह अब मोजर बेयर जो हिंदुस्तान पावर लिमिटेड बन चुका है अपनी उत्पादन क्षमता 800 मेगावाट की जगह 1600 मेगावाट कर रहा है और इसमें अब गौतम अडानी भी शामिल हो गए हैं मध्य प्रदेश सरकार के वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से नया एग्रीमेंट भी हो चुका है जिसका सीधा-साधा मतलब निकाला जा सकता है कि अब यह लूट की कहानी दूनी रफ्तार से चलेगी. यहां पर सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि जब वर्तमान में मध्य प्रदेश की सरकार विद्युत उत्पादन में सर प्लस है और पिछले एग्रीमेंट के तहत 2400 मेगावाट का उपयोग ही नहीं कर पा रही थी तो अब वह 4800 मेगावाट का कैसे उपयोग करेगी इस पर ना तो कोई तर्क ना कोई बहस फिर नया करार क्योंकि पैसा तो जनता के टैक्स का है इसकी चिंता किसको जब कमिशन के रूप में भारी भरकम रकम अपने ही जेब में लौट के आने वाली है.
1100 हेक्टेयर वन भूमि का सत्यानाश ना कोई रोकने वाला ना टोकने वाला
अनूपपुर जिले के जैतहरी में स्थित मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के भतीजे रतुलपुरी के मैनेजिंग डायरेक्टर वाली मौजर बेयर पावर प्लांट जो अब हिंदुस्तान पावर लिमिटेड में बदल चुकी है यह अपने सरकार के फायदे वाले एग्रीमेंट का फायदा तो हर वर्ष उठा रही है लेकिन चाहे जिन जमीनों का भूमि अधिग्रहण किया था उन मजदूरों के साथ किया गया किसानों के साथ एग्रीमेंट इस कंपनी के मालिकों को याद नहीं है इस कंपनी ने इस क्षेत्र के पर्यावरण को इतना नुकसान किया है कि उसका कोई भी लेखा-जोखा नहीं है . वन विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कंपनी से निकलने वाले डस्ट राखड़ सेवन विभाग की 1100 से ज्यादा हेक्टेयर की वन भूमि सत्यानाश हो चुकी है और यही नहीं कंपनी के बगल से बहने वाली सोन नदी और तीपान भी प्रदूषण है और इस क्षेत्र के दर्जनों किसानों समाजसेवियों ने सीएम हेल्पलाइन से लेकर भारत सरकार के वन और पर्यावरण मंत्रालय तक में शिकायत की लेकिन ना तो यहां पर कोई रोकने वाला है और नहीं ठोकने वाला क्योंकि सब कुछ कमलनाथ का सिस्टम काम कर रहा है और भाजपा की सरकार साथ दे रही है.
