बीना। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को बीना रेलवे स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य निलेश कुमार श्रीवास्तव और दिनेश पुरोहित शामिल रहे। इस दौरान स्टेशन प्रबंधक (वाणिज्य) आशीष अवस्थी और मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक सुधीर साहू भी उपस्थित रहे।
प्लेटफॉर्म-1 पर गंदगी, कर्मचारी नदारद
निरीक्षण के दौरान प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 के बाहर स्थित टिकट काउंटर क्षेत्र में भारी गंदगी पाई गई। आसपास पशुओं की मौजूदगी भी देखी गई। टिकट वेंडिंग मशीन बंद मिली। अधिकारियों ने जानकारी दी कि सफाई के लिए तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की तैनाती है, लेकिन निरीक्षण के समय एक भी कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं मिला। इस पर समिति सदस्यों ने नाराज़गी जताई।
पेयजल सुविधा नहीं, ट्रैक पर सीवेज का पानी
प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 के बाहर पेयजल नल उपलब्ध नहीं मिले। जल क्षेत्र में भी गंदगी फैली हुई थी। रेलवे ट्रैक पर बड़ी मात्रा में सीवेज का पानी भरा मिला, जिससे दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बना हुआ है। मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक ने बताया कि सीवेज निकासी की समस्या इंजीनियरिंग विभाग से जुड़ी है और इस संबंध में पहले ही उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
9 करोड़ का टेंडर, फिर भी हालात बदहाल
स्टेशन की सफाई व्यवस्था के लिए तीन वर्षों की अवधि में लगभग 9 करोड़ रुपये का टेंडर स्वीकृत किया गया है। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद स्टेशन परिसर में गंदगी और अव्यवस्था पाए जाने से कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
खाद्य विक्रेताओं की अनियमितता
प्लेटफॉर्म क्रमांक 3 के निरीक्षण में पाया गया कि कुछ विक्रेता शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ बेच रहे हैं। सोपान रेस्टोरेंट और कंचन रेस्टोरेंट में शाकाहारी भोजनालय में अंडों की बिक्री की पुष्टि हुई।
अधिकारियों को भेजी जाएगी रिपोर्ट
निलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि “तीन वर्षों के लिए 9 करोड़ रुपये का टेंडर स्वीकृत होने के बावजूद स्टेशन पर इस प्रकार की गंदगी और सीवेज की स्थिति अस्वीकार्य है।विस्तृत रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेजी जाएगी।”दिनेश पुरोहित ने कहा कि “एनएसजी-3 श्रेणी के स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं की कमी गंभीर विषय है और शीघ्र सुधार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।”समिति सदस्यों ने बताया कि निरीक्षण की संपूर्ण रिपोर्ट भोपाल मंडल, पश्चिम मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक को भेजी जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर महाप्रबंधक को भी अवगत कराया जाएगा।
