भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को महिला कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) के बाहर महिला कांग्रेस ने ‘रसोई संसद’ लगाकर सरकार को घेरा। प्रदेश अध्यक्ष रीना बोसी सेठिया के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने खाली गैस सिलेंडर, चूल्हा, चकला-बेलन और कड़ाही के साथ सांकेतिक विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारी महिलाएं थालियां बजाते हुए नारेबाजी करती रहीं। कुछ महिलाएं मौके पर ही बैठकर रोटियां बेलने लगीं, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि महंगाई ने रसोई का संतुलन बिगाड़ दिया है। उनका कहना था कि दाल, अनाज, खाद्य तेल और अन्य जरूरी सामान की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम परिवारों का बजट चरमरा गया है। गरीब परिवार गैस सिलेंडर तक नहीं भरवा पा रहे हैं।
उज्ज्वला योजना पर सवाल
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोसी सेठिया ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना प्रदेश में दम तोड़ती नजर आ रही है। उनके अनुसार मध्य प्रदेश में करीब 16 लाख हितग्राही ऐसे हैं जो आर्थिक तंगी के कारण एक भी अतिरिक्त सिलेंडर नहीं भरवा पाए। उन्होंने दावा किया कि कई आदिवासी परिवारों के बच्चे आज भी जंगल से लकड़ियां लाकर चूल्हा जलाने को मजबूर हैं।
बजट से पहले अल्टीमेटम
महिला कांग्रेस ने 18 फरवरी को पेश होने वाले बजट से राहत की उम्मीद जताई है। रीना बोसी सेठिया ने चेतावनी दी कि यदि बजट में महंगाई से राहत नहीं दी गई, तो 19 फरवरी को प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के बंगले का घेराव किया जाएगा।
400 रुपये में सिलेंडर की मांग
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता रूपाली शर्मा ने कहा कि महंगाई के कारण घर का चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने सरकार से गैस सिलेंडर की कीमत 400 रुपये करने की मांग की। उनका कहना था कि जब भाजपा विपक्ष में थी तब महंगाई को बड़ा मुद्दा बनाती थी, लेकिन अब आम जनता की परेशानी पर चुप है। महिला कांग्रेस का यह प्रदर्शन विधानसभा सत्र के बीच महंगाई के मुद्दे को राजनीतिक केंद्र में लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

