प्रयागराज। रंगों का पर्व होली खुशियों का त्योहार है। आप को रंग एवं खान पान में सावधानी रखना है। यदि तनिक भी लापरवाही हुई तो आप के जीवन में संकट खड़ा हो सकता है। यह अपील रविवार को जनमानस से प्रयागराज के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अरुण कुमार तिवारी ने की है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि होली का त्योहार जहां रंगों और उमंग का संदेश देता है, वहीं थोड़ी-सी लापरवाही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी खड़ी कर सकती है। शहर के वरिष्ठ चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि उत्सव के दौरान आंखों, पेट और त्वचा की विशेष देखभाल करें, ताकि त्योहार की खुशियां सुरक्षित बनी रहें।
आंखों की सुरक्षा अतिआवश्यक
मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य एवं प्रसिद्ध नेत्र सर्जन एवं प्रोफेसर डॉ. एस.पी. सिंह कहना है कि बाजार में मिलने वाले कई रंगों में हानिकारक केमिकल मिले रहते हैं, जिनसे आंखों में जलन, लालिमा, सूजन और संक्रमण हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर होली खेलना खतरनाक हो सकता है। होली खेलने से पहले आंखों के आसपास हल्का तेल लगाएं और संभव हो तो चश्मा पहनें। यदि आंख में रंग चला जाए तो तुरंत साफ पानी से धोएं, आंखों को रगड़ें नहीं और किसी भी प्रकार की घरेलू दवा या गुलाबजल न डालें। धुंधला दिखाई देना, तेज दर्द या लगातार जलन होने पर तत्काल नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।
डॉ. सिंह ने कहा, “थोड़ी-सी सावधानी से हम त्योहार की खुशी को सुरक्षित रख सकते हैं।”
होली पर्व में सावधानी से करें खानपान
गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. संदीप प्रजापति ने कहा कि गुझिया, मालपुआ, दही-भल्ला और ठंडाई जैसे पारंपरिक व्यंजन होली की पहचान हैं, लेकिन अत्यधिक तला-भुना और मीठा भोजन पेट की समस्याओं को जन्म दे सकता है।उन्होंने बताया कि ज्यादा मिठाई, ठंडाई या भांग का सेवन गैस, एसिडिटी, उल्टी-दस्त और पेट दर्द का कारण बन सकता है। उन्होंने साफ पानी पीने, बासी भोजन से बचने और ताजे फल-सलाद को आहार में शामिल करने की सलाह दी।यदि पेट खराब हो जाए तो हल्का और सुपाच्य भोजन लें, ओआरएस या नारियल पानी का सेवन करें और समस्या बढ़ने पर चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।
केमिकल युक्त रंग त्वचा के लिए खतरनाक खतरा
मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के स्किन विभाग के सहायक आचार्य डॉ. एस.के. ओझा ने कहा कि होली में प्रयोग होने वाले रासायनिक रंग त्वचा पर एलर्जी, खुजली और रैशेज का कारण बन सकते हैं।उन्होंने सलाह दी कि होली खेलने से पहले शरीर पर तेल या मॉइश्चराइज़र लगाएं, पूरे बाजू के कपड़े पहनें और हर्बल रंगों का उपयोग करें। रंग लगने के बाद गुनगुने पानी से धीरे-धीरे साफ करें और कठोर साबुन का प्रयोग न करें। यदि त्वचा पर अधिक खुजली, सूजन या जलन होने लगे तो आप चिकित्सक से संपर्क करें।