भोपाल। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के हरियाखेड़ी गांव में जल आवर्धन परियोजना का भूमि-पूजन करते हुए कहा कि इस महापर्व के बेहतर प्रबंधन से पूरे प्रदेश की प्रतिष्ठा बढ़ेगी और श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल की पर्याप्त सुविधा मिलेगी।
सिंहस्थ के लिए 1133 करोड़ की जल परियोजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 1133.67 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना सिंहस्थ-2028 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराएगी। इस योजना से शहर के हर घर में लंबे समय तक जल आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उज्जैन बनेगा वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महाकाल लोक के विकास से उज्जैन की पहचान वैश्विक स्तर पर बढ़ी है। सिंहस्थ में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए घाट, पुल और बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
विकास कार्यों का लोकार्पण और नई घोषणाएं
कार्यक्रम में करीब 47.23 करोड़ रुपये लागत के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि रामघाट के पास नए पुलों का निर्माण, उज्जैन-इंदौर फोरलेन रोड और आगामी गीता भवन का लोकार्पण जैसे प्रोजेक्ट शहर के विकास को नई दिशा देंगे।
जल आपूर्ति के लिए बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर
परियोजना के तहत दो नए इंटेक वेल, जल शोधन संयंत्र, 17 ओवरहेड टैंक और 708 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। साथ ही करीब 49 हजार नए घरेलू जल कनेक्शन दिए जाएंगे। योजना में आसपास के 20 गांवों को भी शामिल किया गया है ताकि सिंहस्थ के दौरान निर्बाध जल व्यवस्था बनी रहे।
रोजगार और आयुर्वेद को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार रोजगार आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही है और उज्जैन में आयुर्वेद से जुड़े संस्थान खोलने की दिशा में काम चल रहा है। उन्होंने धार्मिक स्थलों के विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी बात कही।