इंदौर। इंदौर में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की गई। आयोजित जनसुनवाई में आज एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब जनसुनवाई से लाभान्वित एक बालक अपनी दोनों किडनी के सफल इलाज के बाद आभार व्यक्त करने कलेक्टर कार्यालय पहुंचा।
बालक अपने पिता के साथ जनसुनवाई में उपस्थित हुआ और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उपलब्ध कराई जा रही जनहितकारी व्यवस्थाओं तथा कलेक्टर शिवम वर्मा की संवेदनशीलता के प्रति आभार व्यक्त किया। बालक के पिता रफीक शाह ने बताया कि उनके पुत्र तैयब की दोनों किडनी खराब हो गई थीं। इलाज के लिए समुचित चिकित्सीय व्यवस्था सुनिश्चित की गई। अस्पताल में उसकी बीमारी की जांच, इलाज से लेकर खान-पान तक हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई गई। महंगे से महंगे इंजेक्शन भी लगवाए गए। इलाज से संबंधित यह पूरा खर्च रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से वहन किया गया। स्वस्थ होने के बाद बालक तैयब ने अपनी बचत राशि से कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के लिए बिस्कुट का पैकेट खरीदा और आज जनसुनवाई में उन्हें भेंट कर आभार व्यक्त किया। इस दौरान बालक के पिता ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
जनसुनवाई के दौरान दिव्यांग दंपत्ति श्याम पटेल और उनकी पत्नी सरस्वती पटेल को आवास की सौगात मिली। दिव्यांग श्याम पटेल, जो ई-ऑटो रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, ने बताया कि उनका सपना अपना खुद का घर बनाने का था। इसी उद्देश्य से वे जनसुनवाई में कलेक्टर शिवम वर्मा से मिले। कलेक्टर वर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उनका आवास स्वीकृत करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही बताया गया कि बुकिंग राशि शासन द्वारा वहन की जाएगी, जबकि शेष राशि हितग्राही को किस्तों में जमा करना होगी। श्याम पटेल ने अपनी बचत से नियमित किस्त जमा करने की बात कही तथा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और कलेक्टर शिवम वर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया।
जनसुनवाई में एक अन्य प्रकरण में पीड़ित राजू थोरात अपने हाथ के उपचार के बाद कलेक्टर का धन्यवाद ज्ञापित करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की बेहतर शासन व्यवस्था के कारण आम लोगों की सुनवाई हो रही है और उन्हें समय पर इलाज मिल रहा है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने उनका हाथ पूरी तरह ठीक होने के बाद कृत्रिम हाथ लगाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए।
इसी क्रम में पूजा वोहरा भी अपने पति के सफल उपचार के बाद जनसुनवाई में आभार व्यक्त करने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनके पति के हृदय रोग का उपचार शासन-प्रशासन की मदद से संभव हो पाया और अब उनकी स्थिति काफी बेहतर है। उन्हें आश्वस्त किया गया कि आगे भी आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पंवार, निशा डामोर, रोशन राय, रिकेश वेश्य सहित अन्य अधिकारियों ने भी आवेदकों की समस्याओं को सुनकर हाथो-हाथ निराकरण किया। ऐसी समस्या जो निराकृत नहीं की जा सकती थी उनकी समय-सीमा तय कर निराकृत की जायेगी।
जनसुनवाई के माध्यम से प्रशासन द्वारा जरूरतमंदों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर राहत प्रदान की जा रही है, जिससे आमजन में शासन के प्रति विश्वास और मजबूत हो रहा है।यह जनसुनवाई व्यवस्था की प्रभावशीलता और संवेदनशील प्रशासन की कार्यशैली का जीवंत उदाहरण है, जिससे जरूरतमंदों को त्वरित राहत और सहायता मिल रही है।
भोपाल में अधिकारियों ने सुनी आवेदकों की समस्याएं, जनसुनवाई में 152 आवेदन प्राप्त हुएइधर, राजधानी भोपाल में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी, एडीएम प्रकाश नायक एवं पी सी शाक्य ने मंगलवार को जिले से जनसुनवाई में आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान अनेक समस्याओं का निराकरण मौके पर ही किया गया। जनसुनवाई में आए नागरिकों से 152 आवेदन प्राप्त हुए।
इस मौके पर एसडीएम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सीईओ इला तिवारी, एडीएम नायक व शाक्य ने जनसुनवाई में आए हर एक आवेदक से धैर्यपूर्वक उनकी समस्याओं पर चर्चा की और उन्हें उनके शीघ्र निराकरण का आश्वासन भी दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को नागरिकों से प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशील रूख अपनाते हुए निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवेदकों की समस्याओं पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।