8वीं तक टेट्रा पैक दूध फ्री…15,000 शिक्षकों की भर्ती होगी:एमपी में लाड़ली बहनों के लिए 23,882 करोड़ का बजट, विधायक निधि नहीं बढ़ाने पर हंगामा
सर्वोच्च सत्ता,भोपाल। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने एमपी विधानसभा में आम बजट पेश किया है। उन्होंने अपने बजट भाषण में किसान कल्याण और युवाओं को रोजगार देने पर जोर दिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि हम बजट में जो कहते हैं, वो पूरा करता है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश दूग्ध उत्पादन में नंबर वन है। वित्त मंत्री के बजट भाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा भी किया है। उन्होंने कहा कि हम प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह सीएम के सपनों को साकार करने वाला बजट है।वित्त मंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है हमारा। हम हर हाथ को कम देंगे और उपज का दाम देंगे। यह पूरी तरह से गरीबों की सरकार है। 2026 किसानों को समर्पित है। वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों को एक लाख सोलर पंप उपलब्ध करवाए जाएंगे। किसानों को हर साल अभी 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।एमपी में अभी 70 लाख किसान क्रेडिट कार्ड धारक हैं। इसके साथ ही मत्स्य उत्पादन के लिए 412 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 21630 करोड़ की मुख्यमंत्री मजर टोला-सड़क योजना को मंजूरी मिली है।वहीं, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि स्कूलों को स्मार्ट सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। इंडस्ट्रियल एरिया के नजदीक हॉस्टल का निर्माण करवाया जा रहा है। वहीं, 15000 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रियाधीन है। सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। किसानों को 337 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही आधुनिक पद्धति से गौशालाएं संचालित की जाएंगी।अब आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को दूध दिए जाएंगे। लाडली बहना योजना में पंजीकृत महिलाओं की संख्या एक करोड़ 25 लाख है। अभी उन्हें हर महीने 1500 रुपए मिलते हैं। इस योजना के लिए 23882 करोड़ रुपए का प्रवाधान इस बार बजट में किया गया है।वहीं, बजट में वित्त मंत्री ने छात्रों को भी बहुत कुछ दिया है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को सहायता दी जा रही है। साथ ही तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सरदार पटेल कोचिंग योजना की शुरुआत हो रही है।
इसके अंतर्तत चार हजार विद्यार्थियों को लाभ देने का लक्ष्य है। प्रदेश में 294 सांदीपनि स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि लाडली लक्ष्मी योजना के तहत 52 लाख 29 बालिकाओं को लभान्वित हैं। इनके लिए बजट में 1852 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपए का प्रावधान है। उर्जा क्षेत्र में मध्य प्रदेश आत्मनिर्भर है। साथ ही अन्य राज्यों को भी बिजली दे रही है। सतपुड़ा और अमरकंटक में ताप विद्धुयत गृह को अपग्रेड कर रही है। साथ ही उत्पादन भी बढ़ाएगी। दिव्यांगों की योजना के लिए 2857 करोड़ रुपए का प्रावधान है।इस बजट में खेल के लिए भी 815 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। अभी प्रदेश में चार स्टेडियमों का निर्माण प्रगति पर है। प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर रहे हैं।वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मध्य प्रदेश में निवेश बढ़ रहा है। दो साल में 33 लाख रुपए के निवेश प्रस्ताव आए हैं। 19300 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल एरिया और आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं। उद्यम क्रांति योजना में 16,451 युवाओं को लोन दिए गए हैं। साथ ही जल जीवन मिशन के लिए बजट में 4454 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।उन्होंने कहा कि भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल की शुरुआत हो गई है। साथ ही ई-बसों का भी संचालन होगा। भोपाल-इंदौर मेट्रोपोलिटिन शहर की अधिसूचना जारी हो चुकी है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत 10 लाख आवास निर्माण का लक्ष्य है। वहीं, सिंहस्थ महापर्व के लिए हमारी सरकारी आगे बढ़ रही है। सिंहस्थ क्षेत्र को भव्य रूप दिया जा रहा है। इसके साथ ही सिंहस्थ के लिए 13851 करोड़ रुपए के कार्य प्रस्तावित हैं। साथ ही इस बजट में 3060 करोड़ रुपए प्रस्तावित किया गया है।वहीं, मध्य प्रदेश में आठवीं तक के छात्रों को टेट्रा पैक दूध दिया जाएगा। प्रदेश में पीएम आवास योजना के लिए 6850 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं, पीएम जनमन योजना के लिए 900 करोड़ रुपए, जी राम जी के लिए 10428 करोड़ रुपए का प्रावधान है। वित्त मंत्री ने कहा कि पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40062 करोड़ रुपए का प्रावधान है। वन एवं पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ रुपए का प्रावधान है।
एमपी में पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही पुलिसकर्मियों के लिए 11000 नए आवास बनाए जा रहे हैं। एक अप्रैल 2026 से परिवार की तलाकशुदा बेटियों को भी पेंशन देने का फैसला किया है। मध्य प्रदेश तीर्थ योजना के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि इस साल भी प्रदेश की जनता पर कोई नया कर नहीं लगाया जा रहा है। मध्य प्रदेश का कुल बजट 4,38,317 करोड़ रुपए अनुमानित है। साथ ही इस बार कर राजस्व में 10.6 फीसदी वृद्धि अनुमानित है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण का समापन जय हिंद जय मध्य प्रदेश के साथ किया है।
बजट में यह हुए प्रावधान
•वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पेश किया 4,38,317 करोड़ रुपए का बजट
•157000 करोड़ रुपए के वित्तीय संसाधन किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
•लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1801 करोड़ का प्रावधान किया गया।
•ट्रेड टेट्रा पैक में दूध उपलब्ध कराया जाएगा।
•लाड़ली बहना योजना के लिए 23, 800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया।
•4454 करोड़ रुपए जल जीवन मिशन के लिए रखे गए है।
•34500 करोड़ का ऊर्जा के लिए प्रावधान किया गया है।
•2030 तक 10000 नए आवास बनाए जाएंगे।
•1370 करोड़ का इंदौर उज्जैन ग्रीन फील्ड के लिए प्रस्तावित।
•5428 करोड़ जजी राम जी योजना के लिए।
•400 करोड़ स्वच्छ भारत मिशन के लिए।
•अटल कृषि ज्योति योजना के अन्तर्गत रुपये 13914 करोड़ का प्रावधान।
•सरकारी प्राथमिक शालाओं की स्थापना के अन्तर्गत रुपये 11444 करोड़ का प्रावधान।
•विकसित भारत-गांरटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत रुपये 10428 करोड़ का प्रावधान।
•प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत रुपये 6850 करोड़ का प्रावधान।
•अटल गृह ज्योति योजना के अन्तर्गत रुपये 6033 करोड़ का प्रावधान।
•समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत रुपये 5649 करोड़ का प्रावधान।
•मुख्यमंत्री किमान कल्याण योजना के अन्तर्गत रुपये 5501 करोड़ का प्रावधान।
•राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन यू एच एम/एन आर एच एम) के अन्तर्गत रुपये 4600 करोड का प्रावधान।
•विद्युत वितरण कंपनियों के ऋणों का अधिग्रहण के अन्तर्गत रुपये 3910 करोड़ का प्रावधान।
•सांदीपनि विद्यालय के अन्तर्गत रुपये 3893 करोड़ का प्रावधान।
•आंगनबाड़ी सेवाएँ (सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0) के अन्तर्गत रुपये 3863 करोड़ का प्रावधान।
•स्वामित्व योजना अंतर्गत अभिलेख के पंजीकरण हेतु सहायता के अन्तर्गत रुपये 3800 करोड़ का प्रावधान
सिंहस्थ-2028 के अन्तर्गत रुपये 3060 करोड़ का प्रावधान।
•निवेश प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत रुपये 2550 करोड़ का प्रावधान।
•सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के अन्तर्गत रुपये 2343 करोड़ का प्रावधान।
•प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) 2.0 बी एन मी के अन्तर्गत रुपये 2000 करोड़ का प्रावधान।
•प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के अन्तर्गत रुपये 2000 करोड़ का प्रावधान।
•लाडली लक्ष्मी योजना के अन्तर्गत रुपये 1801 करोड़ का प्रावधान।
•एम.एस.एम.ई. प्रोत्साहन व्यवसाय तिवेश संवर्धन/सुविधा प्रदाय योजना के अन्तर्गत रुपये 1550 करोड़ का प्रावधान।
•प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत रुपये 1299 करोड़ का प्रावधान।
•टैरिफ अनुदान के अन्तर्गत रुपये 1296 करोड़ का प्रावधान।
•प्रधानमंत्री सड़क योजनान्तर्गत निर्मित मड़को का नवीनीकरण एवं उन्नयन के अन्तर्गत रुपये 1285 करोड़ का प्रावधान।
•प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के अन्तर्गत रुपये 1277 करोड़ का प्रावधान।
•11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालय छात्रवृत्ति (2.50 लाख से अधिक आय वर्ग हेतु) के अन्तर्गत रुपये 1210 करोड़ का प्रावधान।
•इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के अन्तर्गत रुपये 1152 करोड़ का प्रावधान।
•न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम विशेष पोषण आहार योजना के अन्तर्गत रुपये 1150 करोड़ का प्रावधान।
•प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण के अन्तर्गत रुपये 1100 करोड़ का प्रावधान।
•रीवैल्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आर.डी.एम.एस.) के अन्तर्गत रुपये 1091 करोड का प्रावधान।
मप्र विधानसभा सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस विधायक दल ने सरकार द्वारा लिए जा रहे कर्ज के विरोध में किया प्रदर्शन
मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र के तीसरे दिन बुधवार काे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे भारी कर्ज के विरोध में जोरदार सांकेतिक प्रदर्शन किया।विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस विधायक हाथों में खाली गुल्लक और नारे लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे तथा सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस दौरान विधायकों ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश सरकार आंकड़ों की बाजीगरी में लगी हुई है, जबकि राज्य पर कुल कर्ज बजट से भी अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार क़र्ज़ पे क़र्ज़ लिए जा रही है, मध्यप्रदेश के हर वर्ग की कमर टूट गई है और सरकार ने प्रदेश की पीठ पर 5 लाख करोड़ से ज़्यादा का क़र्ज़ लाद दिया है।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह कोई गुल्लक नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की तिजोरी है जिसे सरकार और उसके मंत्री डकार गए हैं। पूरा प्रदेश महंगाई और कर्ज के भारी बोझ तले दब गया है, आम आदमी की कमर टूट चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बजट सत्र से पहले ही सरकार द्वारा 5,600 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाना इस बात का संकेत है कि प्रदेश को कर्ज के बोझ तले दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के टैक्स के पैसों से कर्ज लेकर “घी पी रही है” और विकास के नाम पर केवल भ्रम फैलाया जा रहा है।आर्थिक सर्वेक्षण को झूठ का पुलिंदा बताते हुए उमंग सिंघार ने दावा किया कि सर्वेक्षण में प्रति व्यक्ति मासिक आय 15–20 हजार रुपये महीने बताई गई है, जो जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से प्रदेश की वास्तविक आर्थिक स्थिति सार्वजनिक करने और बढ़ते कर्ज पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी की है।



