भोपाल। नए श्रम कानूनों और अन्य नीतियों के विरोध में केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर गुरुवार को प्रदेश के कई शहरों में हड़ताल और प्रदर्शन किए गए। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, कटनी, सतना, रतलाम, मंदसौर, भिंड, हरदा और खरगोन सहित विभिन्न जिलों में ट्रेड यूनियनों ने धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल में संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा के बैनर तले आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, सेवा, बैंक, बीमा, केंद्रीय कर्मचारी, बीएसएनएल सहित कई संगठनों ने भागीदारी की।

डिफेंस फैक्टरियों में प्रदर्शन
जबलपुर, कटनी और इटारसी की डिफेंस फैक्टरियों के कर्मचारियों ने नए श्रम कानूनों के विरोध में प्रदर्शन किया। इटारसी स्थित ऑर्डनेंस फैक्टरी में कर्मचारियों ने एक घंटे काम बंद रखकर विरोध दर्ज कराया, बाद में काम पर लौट गए। जबलपुर की खमरिया, व्हीकल फैक्टरी और अन्य निर्माणियों में भी कर्मचारी एकजुट होकर प्रदर्शन में शामिल हुए।
बैंक, बीमा और अन्य विभागों पर असर
मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के को-ऑर्डिनेटर वी.के. शर्मा के अनुसार हड़ताल में सरकारी और निजी बैंक कर्मचारियों ने भाग लिया। हालांकि भारतीय स्टेट बैंक यूनियन ने समर्थन तो दिया, लेकिन सीधे तौर पर हड़ताल में शामिल नहीं हुई। ग्वालियर और हरदा में कुछ बैंकों की शाखाएं बंद रहीं, जिससे ग्राहकों को असुविधा हुई। एलआईसी, बीएसएनएल और डाक विभाग में भी हड़ताल का असर देखा गया।
प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के समक्ष कई मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख हैं— चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) को रद्द किया जाए, ड्राफ्ट सीड बिल वापस लिया जाए, बिजली संशोधन विधेयक निरस्त किया जाए, स्॥्रहृञ्जढ्ढ ्रष्ह्ल को वापस लिया जाए, मनरेगा को जारी रखा जाए, ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025Ó को रद्द किया जाए, यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो चरणबद्ध आंदोलन करते हुए दिल्ली कूच किया जाएगा।
शहरों में मिला-जुला असर
ग्वालियर: ग्वालियर में देशव्यापी हड़ताल के तहत ग्वालियर में भी ट्रेड यूनियनों ने प्रदर्शन किया। शहर में लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने यूनियन पदाधिकारियों और श्रमिकों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही भारत-अमेरिका के बीच किसानों से जुड़ी ट्रेड डील को समाप्त करने और मनरेगा को खत्म न करने की मांग भी की गई। यूनियन नेताओं ने कहा कि देशभर के श्रमिक हड़ताल पर हैं और यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो चरणबद्ध आंदोलन करते हुए दिल्ली कूच किया जाएगा।
सतना: सतना में भारत बंद का खास असर नहीं दिखा। सामान्य जनजीवन और बाजार खुले रहे। जिला ट्रेड यूनियन काउंसिल के आह्वान पर पुष्करणी पार्क के पास संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण आमसभा आयोजित की। वक्ताओं ने श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की आलोचना की। वहीं ट्रेड यूनियन के बैनर तले निजी और सरकारी सेक्टर के संविदा कर्मियों ने सर्किट हाउस चौराहे पर धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
भिंड: भारत बंद के आह्वान पर सीटू के नेतृत्व में संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान महासभा ने भिंड कलेक्टोरेट गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें रखीं। इसी दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्थन में सीटू ने शहर में रैली निकाली, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्टोरेट पहुंची। रैली में कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर एकजुट नजर आईं। कलेक्टोरेट पहुंचकर प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन सतर्क रहा।
मंदसौर: मंदसौर के महाराणा प्रताप चौराहा स्थित अभिव्यक्ति स्थल पर विभिन्न श्रमिक संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मध्य प्रदेश बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन, मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन, सफाई कामगार मोर्चा, आशा-उषा-आशा सहयोगिनी एकता यूनियन मध्यप्रदेश सहित कई संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद हैं।
खरगोन: खरगोन में हड़ताल और भारत बंद का कोई बड़ा असर नहीं है। बाजार पूरा खुला है। दोपहर 12 बजे राधा वल्लभ मार्केट चौराहे पर यूनियन पदाधिकारियों ने हड़ताल व मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
इंदौर: मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ इंदौर में आशा, उषा और परिवेशक कर्मचारियों ने अखिल भारतीय संयुक्त अभियान समिति के बैनर तले गांधी हॉल परिसर में धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर श्रमिक हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने की तैयारी की। कर्मचारियों का कहना है कि नई नीतियों से उनके अधिकार और रोजगार की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उज्जैन: उज्जैन के टावर चौक पर सीटू के बैनर तले कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में एलआईसी, आयकर, बीएसएनएल, एमआर यूनियन, संयुक्त ट्रेड यूनियन और आंगनवाड़ी कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
हरदा: हरदा में स्टेट बैंक को छोड़कर सभी बैंकों के कर्मचारी आज हड़ताल पर हैं। इससे बैंकिंग सेक्टर की सेवाएं प्रभावित हैं। ग्राहकों को लेन देन में परेशानी हो रही है।
रतलाम: रतलाम में श्रम संगठनों के आह्वान पर रतलाम में विभिन्न कर्मचारी संगठनों की संयुक्त समिति ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संयुक्त समिति ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पेंशनर्स एसोसिएशन के कीर्ति शर्मा ने कहा सरकार जबरन कर्मचारियों पर काला कानून थोप रही है। इसका हम कड़ा विरोध करते हैं। सरकार हमारी मांगें नहीं मानती है तो आगामी चुनाव में उन्हें परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना पड़ेगा।
‘मजदूर विरोधी नीतियां बर्दाश्त नहीं ‘
ट्रेड यूनियन नेताओं का आरोप है कि नए श्रम कानूनों से श्रमिकों के अधिकार और रोजगार सुरक्षा प्रभावित होगी। उनका कहना है कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। वहीं कई शहरों में सामान्य जनजीवन पर हड़ताल का सीमित असर देखने को मिला। बाजार और परिवहन सेवाएं अधिकांश स्थानों पर सामान्य रहीं।