भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार-शनिवार की देर रात 11 आईएएस अफसरों का तबादला आदेश जारी कर दिया था। जिसमें 2009 बैच के सीनियर आईएएस अधिकारी मनीष सिंह भी शामिल हैं। उन्हें एक बार पुनः जनसंपर्क विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयुक्त जनसंपर्क एवं प्रबंध संचालक, मप्र माध्यम का दायित्व मिलने के बाद मनीष सिंह ने शनिवार सुबह मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव से मुलाकात की है। इसके पश्चात दोपहर जनसंपर्क मध्य प्रदेश एवं माध्यम के MD का कार्यभार संभाल लिया है।
जन कल्याणकारी योजनाओं पर हुई मुख्यमंत्री से चर्चा
यह मुलाकात प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भेंट के दौरान जनसंपर्क विभाग की भावी कार्ययोजना, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार और डिजिटल मीडिया के सशक्त उपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास कार्यों और योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी रूप से पहुंचे। आयुक्त मनीष सिंह ने विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक, त्वरित एवं जनोन्मुखी बनाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि पारंपरिक मीडिया के साथ-साथ सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शासन की उपलब्धियों और जनहितकारी कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जनसम्पर्क तंत्र को और अधिक सक्रिय, तथ्यपरक और सकारात्मक संवाद का माध्यम बनाने पर जोर दिया। साथ ही मीडिया समन्वय, त्वरित सूचना प्रबंधन तथा जिला स्तर तक प्रभावी संचार व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। बता दे कि मनीष सिंह शिवराज सरकार में भी इस पद पर रह चुके हैं। इस प्रकार वे पुनः इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण पद की दूसरी पारी शुरू कर रहे हैं। मनीष सिंह को दीपक सक्सेना के स्थान पर यह जिम्मेदारी दी गई है। दीपक सक्सेना को अब आबकारी आयुक्त पदस्थ किया गया है।
परिणाम देने वाले अधिकारी हैं मनीष सिंह
मनीष सिंह राज्य के परिवहन सचिव, प्रबंध संचालक राज्य सड़क परिवहन निगम के अलावा CEO इंटर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के पद पर भी कार्यरत हैं। मनीष सिंह दूसरी बार आयुक्त जनसंपर्क बने हैं। वे शिवराज सरकार में भी इस पद पर रह चुके हैं। मनीष सिंह को एक परिणाम देने वाला अधिकारी माना जाता है। वे पूर्व में उज्जैन और इंदौर के कलेक्टर के साथ ही भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों के नगर निगम के आयुक्त भी रहे हैं। नगर निगम आयुक्त इंदौर के पद पर रहते हुए इंदौर शहर को पहली बार देश का नंबर वन स्वच्छता शहर का तमगा मिला था।

