सतना। रेल ट्रैक पर संदिग्ध परिस्थिति में मिले एक शव की पहचान हो जाने पर कब्र से बाहर शव को निकलवा कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। यह कार्रवाई जिला प्रशासन के सक्षम अधिकारी के आदेश पर तहसीलदार सौरभ द्विवेदी की मौजूदगी में राजकीय रेल पुलिस द्वारा बुधवार को की गई।प्राप्त जानकारी के मुताबिक सतना मानिकपुर रेल खंड में मुख्तियार गंज रेल फाटक के पास 1180/38 किलोमीटर अप मेन लाइन में 15 मई को लगभग 00.45 बजे जीआरपी सतना को एक युवक की लाश मिली थी। घटना के बारे में मालगाड़ी के ड्राइवर से रेल्वे के डिप्टी एसएस को सूचना मिली थी,उन्होंने जीआरपी को मेमो देकर सूचित किया था। 17 मई तक शव की शिनाख्त का प्रयास जीआरपी द्वारा किया गया। इस बीच शव को जिला अस्पताल की मर्चुुरी में सुरक्षित रखा गया लेकिन जब कोई जानकारी नहीं लगी तब 17 तारीख को सतना नदी किनारे शव को दफन करा दिया गया।
15 की रात घर से निकला था
मालूम हुआ है कि कोलगंवा थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 10 बरदाडीह में गढी के पास रहने वाले महेंद्र सेन का बेटा सौरभ (22) 15 तारीख की रात किसी को कुछ बताए बगैर घर से निकला था जो लौट कर नहीं आया। दो दिन तक परिजन उसको तलाशते रहे। जब कोई खबर नहीं मिली तब परिजन ने 18 मई को कोलगंवा थाना में सौरभ के गुम होने की सूचना दी। पुलिस गुम इंसान की तलाश कर रही थी,इस बीच 19 मई को पुलिस ने मृत युवक की तस्वीर परिजन को दिखाई। परिजनों ने तस्वीर से सौरभ की पहचान कर ली जिसके बाद परिजनों ने 20 तारीख बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम रघुराजनगर के नाम आवेदन देकर शव को कब्र से बाहर निकलवाकर सुपुर्द किए जाने का अनुरोध किया। आवेदन पर तत्काल निर्णय लिए जाने से जीआरपी ने तहसीलदार की मौजूदगी में शव निकलवाया। इस कार्रवाई में जीआरपी के प्रधान आरक्षक मुनेन्द्र मिश्रा अपने सहयोगियों के साथ मौजूद रहे।
निष्पक्ष जांच की मांग
मृतक सौरभ के छोटे भाई सचिन सहित परिजनों का कहना है कि अब जब शव की पहचान हो गई है,तब घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि स्पष्ट हो सके कि मौत कैसे हुई है। परिजनों ने कहा कि सौरभ के सिर, चेहरे, बदन में चोट है, बांए पांव का पंजा फटा है। परिजनों को घटना के पीछे साजिश की आशंका है, उनका कहना है कि जब सौरभ घर से निकला था,तब वह तनाव में बिल्कुल नहीं था। जीआरपी प्रभारी राजेश राज उप निरीक्षक ने कहा कि सभी दृष्टिकोण से जांच जारी है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
