सतना। मैहर जिले में लोक सेवाओं के समयबद्ध निराकरण को लेकर कलेक्टर मैहर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम-2010 के तहत समय सीमा का पालन न करने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए जुर्माना अधिरोपित किया है। कलेक्टर मैहर द्वारा जारी आदेश के तहत मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर आर्थिक दंड लगाते हुए दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार मुख्य नगर पालिका अधिकारी मैहर द्वारा नगर पालिका मैहर में विवाह पंजीयन से संबंधित एक आवेदन निर्धारित समय सीमा में निराकृत नहीं किया गया। आवेदन 4 मई 2026 को निपटाया जाना था, लेकिन 5 मई को समय सीमा से बाहर पाया गया।
इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारी पर 250 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित राशि साइबर ट्रेजरी में जमा कराई जाए, अन्यथा वेतन से कटौती की जाएगी। इसी प्रकार रामनगर के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी को उर्वरक विक्रय लाइसेंस नवीनीकरण के एक प्रकरण में देरी के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संबंधित आवेदन 50 दिनों तक लंबित रहा, जिस पर अधिकारी से 5 दिवस के भीतर जवाब मांगा गया है। इसी प्रकार वृत्त नादन तहसील मैहर के नायब तहसीलदार को भी जन्म पंजीयन के दो मामलों में समय-सीमा का पालन न करने पर नोटिस जारी किया गया है। दोनों आवेदन निर्धारित समय में निराकृत नहीं किए गए, जिससे वे समय-सीमा से बाहर हो गए। अधिकारी को 3 दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति होने पर अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को समय पर सेवाएं मिल सकें।