सतना। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव केंद्रीय जेल में भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस दौरान जेल परिसर में भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन से भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर सुख-शांति की कामना की। आयोजन में जगतगुरू रामललाचार्य के द्वारा कथा वाचन किया गया। इस आयोजन में महापौर योगेश कुमार ताम्रकार, रामपुर विधायक विक्रम सिंह शामिल हुए। इस दौरान जेल अधीक्षक लीना कोष्टा, जेलर श्रीकांत त्रिपाठी, सोनवीर सिंह कुशवाह, उप जेल अधीक्षक अनिल सिंह, कल्याण अधिकारी अनिरुद्ध तिवारी, कृष्णा पांडेय, विनय त्रिपाठी, शैलेन्द्र त्रिपाठी, सहित अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि केन्द्रीय जेल सतना में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व हर साल बेहद हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में मनाया जाता है। जेल को भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली (कारागार) का प्रतीक माना जाता है, यही वजह है कि यहां का जन्मोत्सव बंदियों और जेल प्रशासन के लिए बेहद खास होता है। केंद्रीय जेल में आयोजित होने वाले जन्माष्टमी कार्यक्रमों की अपनी अलग विशेषता रहती है। जेल के भीतर कैदी (बंदी) स्वयं हफ़्तों पहले से तैयारी करते हैं। वे भगवान श्री कृष्ण की सुंदर प्रतिमाएं और मनमोहक सजीव झांकियां सजाते हैं। मध्यरात्रि में कृष्ण जन्म के समय पूरा जेल परिसर “जय कन्हैया लाल की, मदन गोपाल की” और “नंद के आनंद भयो” के जयकारों से गूंज उठता है। कैदी और जेल का स्टाफ मिलकर भक्ति गीतों पर झूमते और नाचते-गाते हैं। इस पावन अवसर पर शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और जन प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं। जो बंदियों का उत्साह बढ़ाते हैं। जेल में बंदियों के सुधारात्मक दृष्टिकोण और मानसिक शांति के लिए विशेष भागवत कथा और धार्मिक प्रवचनों का आयोजन भी कराया जाता है। यह आयोजन कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का एक सराहनीय प्रयास माना जाता है।
