सतना। हत्या के अपराध का मुजरिम, जो कि आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया था, वो 6 अक्टूबर को केंद्रीय जेल से फरार हो गया था, सूत्र बताते हैं कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। जेल प्रशासन द्वारा उसके भाग जाने की सूचना पुलिस को दी गई थी। उसकी तलाश के लिए अलग अलग जगह टीम भी भेजी गईं थीं। मालूम हुआ है कि जेल से भागा बंदी अच्छेलाल प्रजापति (52) पिता दशिया प्रजापति अमरपाटन थाना क्षेत्र के ग्राम पडक्का नादन टोला का रहने वाला है।
14 अक्टूबर 2014 को माननीय न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश अमरपाटन ने इसे भा.द.वि. की धारा 302 के तहत हत्या के लिए दर्ज अपराध में दोषी मान सत्र प्रकरण क्रमांक 269/2013 में अपना फैसला देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया था। केन्द्रीय जेल सतना में निरूद्ध रहकर यह सजा भुगत रहा था। इसने केन्द्रीय जेल सतना में लगभग 13 वर्ष 03 माह का समय अपनी सजा भुगतते हुए बिता दिया था, लेकिन बीते दिनों चकमा देकर भाग गया था।
जेल प्रशासन के अनुसार, यह बंदी वर्ष 2021 से अस्थाई मुक्ति अवकाश पर भी जा रहा था। यह 15 बार अस्थाई मुक्ति अवकाश का लाभ ले चुका था। इसीलिए जेल मुख्यालय के आदेशानुसार वर्ष 2022 से बाहर कमान हेतु इसे गौशाला में भेजा जा रहा था। बीते मंगलवार 6 तारीख को गौशाला कमान प्रहरी ने दिन में 11-12 बजे के बीच अधिकारियों को सूचित किया था कि बंदी अच्छेलाल प्रजापति पिता दशिया प्रजापति मंदिर के पास बने शौचालय में गया लेकिन लगभग 20 मिनिट बाद भी लौटा नहीं। आसपास तलाश करने पर भी नहीं मिला। बंदी के फरार होने की सूचना मिलते ही उसे पकड़ने के लिए टीमें गठित कर अलग-अलग दिशाओं में भेजी गईं थीं।
तलाश के दौरान 10 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली कि अच्छेलाल प्रजापति घुनवारा में अपने किसी रिश्तेदार के यहां छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही मैहर जिले की अमदरा थाना पुलिस को अलर्ट किया गया और सतना से जेल की विशेष टीम रवाना की गई। टीम ने घुनवारा पहुंचकर बंदी को पकड़ लिया। इसके बाद उसे सतना लाकर आगे की कार्रवाई के लिए कोलगवां पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। जेल प्रशासन के मुताबिक, बंदी की तलाश के साथ-साथ फरारी और छिपने में मदद करने वालों को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ ककार्रवाई की जाएगी। बंदी की तलाश और गिरफ्तारी में उप जेल अधीक्षक श्रीकांत त्रिपाठी, सहायक जेल अधीक्षक पवई अभिमन्यु पांडेय, प्रहरी अर्जुन रावत, भीमलाल बागरी, संतोष विश्वकर्मा और सुशील प्रजापति ने अहम भूमिका निभाई।
