इमामुद्दीन सिद्दीकी/सतना। नागौद राज घराने की परसमनिया गढी में गोलीकांड हुआ। बंदूक से निकली एक गोली राज परिवार की बहूरानी को लगी। इस घटनाक्रम के बाद रसूखदार परिवार के अंदर की बातें जग जाहिर हो गईं। इसके साथ ही सवाल काबिज हो गया कि क्या वाकई इस परिवार में ऐसा कुछ चल रहा था जो मर्यादा को तार-तार करने वाला था।
यहां बता दें कि बाबा राजा रूपेन्द्र सिंह राज परिवार का हिस्सा हैं। इलाके में उनकी एक अलग पहचान है। लोग अदब से उनके आगे सिर झुकाते हैं। लेकिन घटनाक्रम के बाद फिलहाल उनका अपना सिर झुक गया है। बात ही कुछ ऐसी है जो आसानी से लोगों के गले के नीचे नहीं उतर रही।
दरअसल, परसमनिया गढी के अंदर गुरुवार की दोपहर गोली चली जो बाबा राजा की धर्म पत्नी योगिता सिंह को लगी। राज परिवार की बहूरानी के जख्मी होने के बाद जो बातें सामने आईं उनके मुताबिक पिछले कुछ समय से पति पत्नी के बीच दूरियां थीं जिसकी वजह वो सुनीता सिंह परिहार थी जिस पर बहूरानी के ऊपर गोली दागने का इल्जाम है। थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में भी बहूरानी ने इस बात का जिक्र किया है कि उनके और उनके पति के बीच विवाद की जड़ यह सुनीता थी। बहूरानी की मां का भी कुछ ऐसा ही कथन सामने आया है कि सुनीता सिंह उनके दामाद रूपेंद्र सिंह बाबा राजा के साथ लंबे समय से नाजायज तरीके से रह रही थी।
बाबा राजा रूपेन्द्र सिंह और सुनीता के बीच क्या रिश्ता है, ये तो वही बेहतर जानें, हम उनके निजि विषय पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे लेकिन बहूरानी की शिकायत से इतना तो साफ है कि राज परिवार के अंदर कुछ ठीक नहीं चल रहा था। जाहिर है कि सब ठीक होता तो फिर दनादन गोलियां क्यों चलतीं। माना जा रहा है कि रिश्तों के बीच आई कड़वाहट को दूर करने के इरादे से ही बहूरानी उदयपुर से परसमनिया आईं थीं लेकिन उनका अचानक आना सुनीता को नागवार गुजरा, इसलिए उसने बहूरानी के साथ झगड़ा भी किया। अपनी शिकायत में झगड़े का जिक्र करते हुए बहूरानी ने पुलिस को बताया है कि सुनीता ने उन्हें घर से निकल जाने के लिए कहा। बहूरानी की बात को सही माना जाए तो सवाल होता है कि बहूरानी को उनके ही घर (ससुराल) से निकल जाने की बात कहने का साहस सुनीता में कहां से आया। आखिर किस अधिकार से उसने ऐसा कहा। बहूरानी की मां का कहना है कि सुनीता लंबे समय से बाबा राजा के साथ है, ऐसे में सवाल होता है कि आखिर किस अधिकार से वह गढी में रह रही थी।बहरहाल, कल तक जो बातें चहारदीवारी के अंदर थीं वो अब बाहर आकर राज परिवार की मान मर्यादा पर सवाल खड़े कर रहीं हैं।
[ जब गोली चली तब पुलिस चौकी में नहीं थे प्रभारी ]
सूत्र बताते हैं कि गुरुवार की दोपहर गढी के अंदर गोली चली। इसकी सूचना परसमनिया पुलिस चौकी के प्रभारी अधिकारी सहायक उप निरीक्षक संतोष सिंह को किसी ने मोबाइल फोन पर दी। संतोष सिंह सीएम हेल्पलाइन शिकायत के निराकरण संबंध में चौकी परसमनिया से करीब पांच किलोमीटर की दूरी के गांव गुढा गए थे। वहां से लौटते वक्त जब कड़िया पहुंचे थे तभी यह सूचना मिली थी। तत्काल वो परसमनिया पंहुचे,उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया लेकिन तब तक बहुरानी को इलाज के लिए उचेहरा ले जाया गया था। बताते हैं कि बहूरानी योगिता सिंह को उनका बेटा और भाई अस्पताल लेकर गए थे जबकि बाबा राजा रूपेन्द्र सिंह गढी में मौजूद थे। घटना की सूचना पर उचेहरा थाना प्रभारी सतीश मिश्रा दल बल के साथ गढी पहुंचे तब बाबा राजा उन्हें गढी में मिले, बाबा राजा ने उन्हें बताया कि उन पर भी हमला हुआ है और यह बहूरानी के साथ आए उनके भाई नागेंद्र सिंह राठौर ने किया है। बाबा राजा ने पुलिस को बताया कि मारपीट में उनके हाथ और सिर में चोट आई है तब मेडिकल परीक्षण और उपचार के लिए पुलिस बाबा राजा को भी अस्पताल लेकर गई। दूसरी तरफ बहूरानी को बेहतर इलाज के लिए सतना जिला अस्पताल और फिर रीवा ले जाया गया।
[ सवालों के घेरे में पुलिस की भूमिका ]
सूत्रों की मानें तो उचेहरा टीआई सतीश मिश्रा जब घटनास्थल पहुंचे तब कथित आरोपी सुनीता सिंह वहां मौजूद थी लेकिन पुलिस ने उसी वक्त उसे हिरासत में नहीं लिया। इतना ही नहीं, मामला बंदूक से गोली चलने का था फिर भी फोरेंसिक एक्सपर्ट से घटनास्थल की जांच नहीं कराई गई जबकि जानकारों के मुताबिक भविष्य में अपराध सिद्ध करने के दृष्टिकोण से यह जरुरी था। सूत्र बताते हैं कि सतना में फोरेंसिक एक्सपर्ट उपलब्ध नहीं थे। इस स्थिति में नजदीकी रीवा अथवा अन्य जिले से फोरेंसिक एक्सपर्ट को बुलाया जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। सवाल हो रहा है कि क्या पुलिस ने अप्रत्यक्ष रूप से आरोपी की मदद करने का प्रयास किया। यहां बता दें कि परसमनिया पुलिस चौकी में महिला पुलिस कर्मी की तैनाती नहीं है लिहाजा एक उप निरीक्षक स्तर की महिला पुलिस अधिकारी को परसमनिया चौकी इस केस के संबंध में बुलाया गया था। इस महिला पुलिस अधिकारी के साथ आरोपी की एक फोटो और खबर सोशल मीडिया में चर्चा में रही कि पुलिस हिरासत में आरोपी को लग्जरी ट्रीटमेंट दिया गया।हम इस बात की पुष्टि नहीं करते लेकिन सवाल करते हैं कि इस पूरे प्रकरण में अगर पुलिस कर्मियों की भूमिका पर संदेह जताया जा रहा है तो क्या विभाग के आला अफसर इसमें संज्ञान लेकर कोई कार्रवाई करेंगे। सवाल यह भी है कि बगैर फोरेंसिक रिपोर्ट क्या इस अपराध में दोष सिद्ध कर पाना पुलिस के लिए आसान होगा।
[ दोनों तरफ से अपराध दर्ज ]
जिले के उचेहरा थाना में दो पक्षों की ओर से अपराध पंजीबद्ध किया गया है। योगिता सिंह की तरफ से 11 जून को अपराध क्रमांक 256 बीएनएस की धारा 296 बी और 109(1) के तहत दर्ज किया गया है। इस अपराध में सुनीता सिंह आरोपी है। दूसरी ओर पुलिस ने रूपेंद्र सिंह बाबा राजा की ओर से 12 जून को अपराध क्रमांक 257 बीएनएस की धारा 296बी, 115 (2) 351 (3) एवं (5) के तहत नागेंद्र सिंह राठौर और उसके 2 साथी के खिलाफ दर्ज किया है। लोगों के लिए यह बात बेहद हैरान करने वाली है कि जिस बाबा राजा के सामने कोई सिर उठाने की जुर्रत नहीं करता उस रसूखदार बाबा राजा की पिटाई उनके अपने घर के अंदर हो गई।
[ जिला अस्पताल में हुई जांच ]
शनिवार को बाबा राजा रूपेन्द्र सिंह पुलिस के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। मालूम हुआ है कि आरक्षक समर भलावी उनका मेडिकल चेक अप कराने के लिए लेकर आए थे। ऐसा कहा जा रहा है कि उन्हें जो चोट आई है,उसकी स्थिति जानने के लिए यहां जिला अस्पताल में उनकी एक्स-रे और सीटी स्कैन जांच कराई गई है। इस दौरान बाबा राजा के साथ उनके कई शुभ चिंतक मौजूद थे।