सतना। जिले की सेवा सहकारी समिति बेला में गेहूँ उपार्जन के दौरान धर्मकांटे में तौल संबंधी गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। समिति प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि नाप-तौल विभाग द्वारा जांच में वजन अंतर की पुष्टि किए जाने के बावजूद अब तक संबंधित वेयर हाउस अथवा जिम्मेदार पक्ष के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे समिति को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उपार्जन कार्य प्रभावित हो रहा है।
समिति के अनुसार, उपार्जित गेहूँ का परिवहन एवं भंडारण कोटर रोड स्थित ऐना वेयर हाउस / पर्ल पवैया में किया जा रहा है। परिवहन के दौरान धर्मकांटे में वजन अंतर की शिकायत सामने आने पर मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दूरभाष (टेलीफोन) के माध्यम से एवं कार्यालय जाकर व्यक्तिगत रूप से कई बार दी गई। इसके बावजूद समय रहते उचित कार्रवाई नहीं होने से स्थिति लगातार गंभीर होती गई।
समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ट्रक क्रमांक एमपी-19 एच एच 5255 का संबंधित धर्मकांटे पर वजन 53,230 किलोग्राम दर्ज किया गया था, जबकि दूसरे धर्मकांटे पर पुनः वजन कराने पर वही वाहन 53,530 किलोग्राम पाया गया। इस प्रकार दोनों तौल में 300 किलोग्राम का अंतर सामने आया, जिसे गंभीर अनियमितता माना जा रहा है।
समिति का कहना है कि नाप-तौल विभाग द्वारा जांच उपरांत तौल संबंधी अंतर एवं अनियमितता की पुष्टि भी की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। समिति के अनुसार अब तक लगभग 8170 कुंटल गेहूँ संबंधित वेयर हाउस को भेजा जा चुका है, जिसमें लगभग 63 कुंटल शॉर्टेज (क्षति) हुई है।
समिति ने मांग की है कि तौल अनियमितता की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए, समिति को हुई आर्थिक क्षति की भरपाई कराई जाए तथा धर्मकांटों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक लग सके।समिति ने यह भी आरोप लगाया है कि परिवहन की समस्या के कारण गाड़ियां 24 घंटे बाद भी खाली नहीं हो पाती हैं। गोदाम प्रबंधन लेबर की कमी का हवाला देकर गाड़ियों को खाली करने में देरी कर रहा है, जिससे समिति को भारी नुकसान हो रहा है।
समिति ने मांग की है कि इस समस्या का समाधान किया जाए और गाड़ियों को समय पर खाली किया जाए, ताकि परिवहन कार्य सुचारू रूप से चल सके और समिति को नुकसान से बचाया जा सके।