■ पुलिस की तहकीकात जारी, सवाल अभी बाकी
इमामुद्दीन सिद्दीकी/सतना। अनूपपुर जिले के कोतमा की रहने वाली पूनम अहिरवार की हत्या रोटी सेकने वाले तवे से की गई थी। इस बात के संकेत जांच टीम को मिले हैं। हालांकि एफएसएल रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट होगा कि हत्या में तवे का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।
गौरतलब है कि बीते दिनों कोलगंवा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिद्धार्थ नगर अशोक बिहार कालोनी में प्रवीण सिंह के मकान में बीते तकरीबन तीन साल से किराए से रहने वाले इंजीनियरिंग छात्र अंकितेश गौतम के कमरे में उसके भाई अंबिकेश की फांसी के फंदे पर झूलती हुई एवं एक युवती की खून से लथपथ लाश जमीन पर मिली थी। घटनास्थल पर मिले दस्तावेज से युवती की पहचान अनूपपुर जिले के कोतमा निवासी शिव कुमार अहिरवार की पुत्री पूनम के रूप में की गई थी। पूनम ब्योहारी जिले के देवलौंद के शासकीय विद्यालय में शिक्षिका थी।

कोतमा में फल का ठेला लगाने वाले शिवकुमार अहिरवार की पुत्री पूनम की यहां हत्या कर दिए जाने के मामले में पुलिस को घटना में प्रयुक्त हथियार की तलाश थी। पुलिस ने प्रवीण कुमार सिंह के भवन के बगल में खाली पड़े आरके शर्मा के प्लॉट की जब तलाशी ली तो पुलिस को तवा मिला। एफएसएल वैज्ञानिक अधिकारी डॉक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि इस तवे में खून लगा है इसे जांच के लिए लैब भेजा जाएगा,रिपोर्ट आने पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी फिलहाल पूनम के सिर और चेहरे की धारदार चोट के मद्देनजर माना जा रहा है कि यह तवा वो हथियार हो सकता है।
यहां उल्लेखनीय है कि अंबिकेश रीवा जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बेला का रहने वाला था। सतना के सितपुरा स्थित एनर्जी
प्लांट में नौकरी करता था। दो महीने पहले ही सतना में भाई के साथ रहने आया था।
रोटी सेकने के तवे की सूरत में पुलिस को भले ही कथित हथियार मिल गया हो लेकिन पुलिस को अभी कई सवालों के जवाब तलाशना है। सूत्र के मुताबिक, अंबिकेश के शरीर पर बरमुडा ( हाॅफ पैंट ) और हाॅफ टी शर्ट थी जिसमें खून के छीटे या दाग दिखाई नहीं दिए। उसके हाथ में भी खून लगा नहीं दिखा। ऐसे में सवाल काबिज होता है कि जब पूनम के शरीर से पर्याप्त खून बहा था, तो कथित तौर से उसकी हत्या करने वाला अंबिकेश कैसे बेदाग था। सवाल यह है कि तवे से हत्या करने के बाद उसे फेकने या छिपाने की अंबिकेश को क्या जरूरत थी जबकि उसने आत्महत्या का विचार कर लिया था।
सवाल यह है कि तवे को ठिकाने लगाने के बाद जब अंबिकेश वापस आया तो उसने दरवाजे की जगह खिड़की से कमरे में क्यों प्रवेश किया। यहां बता दें कि अंबिकेश का भाई अंकितेश जब घर आया तो दरवाजे पर ताला लगा था जिसे उसने तोड़ा था। पुलिस को यह भी पता लगाना है कि अंबिकेश और पूनम के बीच कैसे संबंध थे। इनका परिचय कब कैसे हुआ था। पूनम, जो घर में भोपाल जाने की बात कहकर निकली थी वो सतना कैसे पहुंच गई। अगर दोनों के आपसी मधुर संबंध थे तो फिर हत्या की वजह क्या है। यहां बता दें कि घटनास्थल पर टेबल में पुलिस को मोबाइल फोन, लैपटॉप और एक डायरी मिली थी। एफएसएल वैज्ञानिक अधिकारी डॉक्टर महेंद्र सिंह के मुताबिक डायरी या कमरे में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।