सतना। विगत 19 मई को नागौद के माड़ा टोला की रहने वाली 20 वर्षीय महिला ने जिला अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया था जिसे रात को चोरी कर लिया गया। हालांकि चोर अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सका था। ड्यूटी स्टाफ की सतर्कता और तत्परता से चोर उस थैले को छोड़कर भाग गया था जिसमें बच्ची थी। घटना की जानकारी होने पर हरकत में आई सिटी कोतवाली पुलिस ने चोर को धर दबोचा तो उसने अजीब कहानी सुनाई। उसने पुलिस को बताया कि बच्ची की मां से उसने मोबाइल फोन का चार्जर मांगा था,उसने देने से मना कर दिया इसलिए गुस्से में आकर बच्ची को चुरा लिया। आरोपी के जवाब से पुलिस कितना संतुष्ट है, कह नहीं सकते। लेकिन यहां जांच लायक सवाल यह है कि बच्चा चोरी के मामले में पकड़ा गया आरोपी कहीं आदतन अपराधी तो नहीं है, कहीं ऐसा तो नहीं कि इस आरोपी का किसी मानव तस्करी गिरोह से कोई नाता हो। सवाल यह भी है कि कहीं यह आरोपी मानव तस्करी के धंधे का नौसिखिया खिलाड़ी तो नहीं था,जो पहले प्रयास में ही असफल हो गया। बहरहाल, पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। सवाल यह है कि क्या वाकई मोबाइल फोन का चार्जर न मिलने से कोई इतना नाराज हो सकता है कि नवजात बच्ची को चुरा ले। सवाल यह है कि अगर यह आरोपी बच्ची को ले जाने में कामयाब हो जाता तब क्या करता। अगर मानव तस्करी के धंधे से इसका कोई नाता नहीं है तो क्या गुस्से में बच्ची को कहीं मरने के लिए फेंक देता या खुद उसे मार डालता।
यह है पूरा मामला
शिवानी चौधरी पत्नी राकेश चौधरी उम्र 20 वर्ष निवासी माड़ा टोला थाना नागौद जिला सतना ने रिपोर्ट किया कि 19 तारीख की सुबह करीब 9 बजे उसने जिला अस्पताल सतना में बच्ची को जन्म दिया। वह जिला अस्पताल के बीएनसी वार्ड मेटर्निटी सेकेन्ड में बेड नंबर 23 में भर्ती थी। रात करीब 11 बजे बच्ची को दूध पिला रही थी, बच्ची रो रही थी तभी वार्ड में एक व्यक्ति आया और बोला कि बच्ची को डकार दिला दो तो नहीं रोयेगी। मैं बच्ची को साथ में लेकर बेड में लेटी थी मेरी आंख लग गई करीब 2.15 बजे रात मेरी नींद खुली तो देखा कि बच्ची मेरे बेड में नहीं थी। तब मैं हल्ला मचाई तो वार्ड में ड्यूटी नर्स सरला गौतम दौड़कर आई। उन्हें सारी बात बताई तब वो बाहर जाकर गार्ड को बताई। तब गार्ड व मैं खुद नीचे तरफ गये तो नीचे सीढी में वही आदमी जो वार्ड में मुझसे बच्ची को डकार दिलाने को बोल रहा था वह झोले में कुछ लिये जा रहा था जो मुझे देखकर व हल्ला सुनकर झोला सीढी में छोड़कर भाग गया। तब झोले के अन्दर से बच्ची के रोने की आवाज आई तो हम लोग झोला खोलकर देखे तो उसमें मेरी बच्ची थी।
बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध
सिटी कोतवाली पुलिस ने बताया कि रिपोर्ट पर तत्काल धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मामला गंभीर प्रकृति का होने से तत्काल टीम गठित की जाकर पता तलाश की गयी। आरोपी दस्तयाब हुआ, जिससे पूछताछ की गयी तो बताया कि मैने उस बच्ची की मां से मोबाईल फोन का चार्जर मांगा जो नही दी। जिस कारण से मैने बदला की नीयत से बच्ची चुराने का प्रयास किया। बताया गया कि बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है जिसका उपचार चल रहा है। आरोपी विपिन सोनी पिता गुलाब सोनी उम्र 26 वर्ष निवासी कोलगवां पटनहा बिल्डिंग के पीछे थाना कोलगंवा जिला सतना को विधिवत गिरफ्तार करते हुए माननीय न्यायालय में पेश किया गया है। इस प्रकरण में नगर निरीक्षक थाना प्रभारी रावेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में काम करने वाली टीम में सउनि सुमत मरावी, आरक्षक सुभाष पटेल एवं लखनलाल शर्मा शामिल बताए गए।