सतना। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग के विद्यार्थियों द्वारा निर्मित कलाकृतियों एवं चित्रों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा, कला कौशल एवं नवाचारपूर्ण अभिव्यक्तियों की सराहना की। कुलगुरु प्रो. चौबे ने कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज एवं संस्कृति को संवेदनशीलता के साथ जोड़ने का सशक्त साधन है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सृजनात्मक कार्य करने तथा भारतीय संस्कृति एवं ग्रामोदय की भावना को अपनी कलाकृतियों में समाहित करने के लिए प्रेरित किया।इस दौरान ललित कला विभाग के विद्यार्थियों ने अपनी विभिन्न चित्रकृतियों, रेखांकन एवं कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कुलगुरु ने विद्यार्थियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।