■ रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र की घटना, मामला संदिग्ध
सतना। जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र के गांव तिवनी में एक घर के अंदर पति पत्नी की लाश मिली है। प्रथम दृष्टया पति की मौत फांसी लगाने से प्रदर्शित हो रही है लेकिन महिला की मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। डीएसपी मनोज दीक्षित के साथ एफएसएल वैज्ञानिक अधिकारी डॉक्टर महेंद्र सिंह द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। डीएसपी दीक्षित एवं थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप चतुर्वेदी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर मृत्यु का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। एफएसएल वैज्ञानिक अधिकारी डॉक्टर महेंद्र सिंह का कहना है कि महिला के शरीर में ऊपर कोई गंभीर चोट प्रदर्शित नहीं हुई है,किंतु अभी स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि मौत कैसे हुई है।
घटना मंगलवार 26 और बुधवार 27 मई के बीच की है। इसका पता बुधवार की सुबह चला। मालूम हुआ है कि मंगल कोरी रात में खेत में थे। सुबह करीब 6 बजे घर आए तब उन्होंने देखा कि उनका बेटा रामनिवास और बहू शकुंतला जागे नहीं हैं तब उन्होंने उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। आशंका होने पर उन्होंने खपरैल वाले घर के बगल में पक्के घर की छत पर सो रहे रामनिवास के बेटे जीशू को बुलाया और कहा छत के खपरैल हटा कर कमरे में देखे। उसने जब खपरैल हटाया तो उसके पिता रामनिवास छत की लकड़ी (बल्ली) में गमछे से फंदा लगे लटकते हुए दिखे। उसने बब्बा को बताया और छत से कमरे में उतरकर दरवाजा खोला। जब कमरे के अंदर दूसरे कमरे में देखा गया तो वहां रामनिवास की पत्नी मृत पड़ी थी। नजारा देखकर बुजुर्ग मंगल कोरी के होश उड़ गए, उन्होंने आसपास के लोगों को बुलाया तब किसी ने पुलिस को सूचित किया।
मृतक के पिता मंगल कोरी ने बताया कि उनके दो बेटों में बड़ा रविनाथ दिल्ली में रहता है। इसलिए उनकी पत्नी दिल्ली बड़े बेटे के पास गई हैं। रामनिवास का एक बेटा और बेटी भी वहीं हैं। यहां पति पत्नी और बेटा जीशू थे। उन्होंने बताया कि उनका बेटा रामनिवास रीवा में राजेश तिवारी के यहां डंपर चलाता था। रोज सुबह रीवा जाता था। इसलिए जब वो खेत से आए तो उसे जगाने के लिए आवाज दे रहे थे। मालूम हुआ है कि मंगल ने खेत में ही घर बनाया है, वो वहीं रहते हैं। खाना खाने या लेने घर आ जाते हैं। मंगल का कहना है कि मंगलवार की रात जब वो घर से गए थे तब सब ठीक था।
[ जांच से सामने आएगा सच ]
पुलिस ने मामले में जांच शुरु कर दी है। पता चला कि प्लास्टिक की कुर्सी में चढ़कर फांसी लगाई गई। जबकि महिला शकुंतला दूसरे कमरे में बिछे तखत पर तिरछा लेटी थी, उसका एक पांव जमीन छू रहा था दूसरा पांव जमीन से कुछ ऊपर था। बदन में उसके साड़ी नहीं थी। अब यह जांच का विषय है कि शकुंतला की हत्या कर रामनिवास ने फांसी लगाई या रामनिवास को फांसी लगाए देखकर शकुंतला बहुत ज्यादा घबरा गई और घबराहट में दिल का दौरा पड़ने से उसके प्राण निकल गए। जांच के बाद ही पता चलेगा कि घटना के बाद खपरैल हटाकर कमरे में जाने की बात किस हद सही है। कहीं ऐसा तो नहीं है कि खपरैल को हटाकर कोई और कमरे में दाखिल हुआ और वारदात अंजाम देने के बाद दरवाजा खोलकर निकल गया? हाल फिलहाल तो हत्या के बाद आत्महत्या कर लेने की चर्चाओं में लोगों को यह कहते सुना गया कि पति पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से पड़ताल कर रही है। कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।