■ ग्रेच्युटी भुगतान का मामला, तहसीलदार ने जारी की नोटिस
सतना। सेवानिवृत्त कर्मचारी को ग्रेच्युटी की रकम का भुगतान न किए जाने के मामले में नगर निगम आयुक्त और महापौर को संपत्ति कुर्क करने की चेतावनी दी गई है।प्राप्त जानकारी के मुताबिक नगर निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारी सत्यनारायण शुक्ला ने ग्रेच्युटी के संबंध में महापौर और आयुक्त को अनावेदक बना कर प्रकरण लगाया था। इसी क्रम में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सहित रीवा संभाग के सहायक श्रम आयुक्त के पत्रों का हवाला देते हुए रघुराजनगर तहसीलदार ने उपादान अर्थात ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम 1972 के अंर्तगत राशि वसूली के लिए नोटिस जारी किया है। 83 हजार 769 रुपए की वसूली से संबंधित नोटिस में कहा गया है कि पहले भी नोटिस दी गई थी लेकिन उस पर जवाब पेश नहीं किया गया, अब 15 जून तक भुगतान सुनिश्चित करें अन्यथा आपके नाम दर्ज चल अचल संपत्ति को कुर्क किया जाएगा।
जानकारों के मुताबिक उपादान यानि ग्रेच्युटी एकमुश्त वित्तीय लाभ है जो उपादान भुगतान अधिनियम 1972 के अंतर्गत किसी कर्मचारी को उसी संस्थान में न्यूनतम 5 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्ति पर नियोक्ता द्वारा प्रदान किया जाता है।यह एक उपहार न होकर कर्मचारियों की दीर्घकालिक सेवा के बदले उनकी वैधानिक संपत्ति होती है।
