■अपराध दर्ज होने के 6 महीने बाद भी डॉक्टर को ठगने वालों का पता नहीं
■ एक साल पहले हुआ फ्रॉड, शिकायत पंजीबद्ध कराने में लगे 6 महीने
इमामुद्दीन सिद्दीकी, सतना। ऑनलाइन फ्रॉड करके लोगों से हजारों लाखों रुपए ठगने वाले सायबर क्रिमिनल न जाने कौन से बिल में दुबक कर रहते हैं कि पुलिस उन तक आसानी से पहुंच नहीं पाती। ऐसी तमाम शिकायतें पुलिस के पास हैं जिनके आरोपियों की सिर्फ तलाश जारी है,कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। ऐसी केस फाइलों में एक शिकायत शहर के एक फीजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर की भी है,जो अपने साथ हुई लाखों रुपए की ठगी की कहानी कई बार पुलिस को सुना चुका है लेकिन उसे यह तक पता नहीं चल रहा है कि उसकी शिकायत पर पुलिस ने अब तक किया क्या है। इन्वेस्टमेंट के नाम पर इस डॉक्टर से तकरीबन 15 लाख रुपए की मोटी रकम ठगी गई है। यह ठगी ऑनलाइन माध्यम से हुई, जिसकी शिकायत लेकर यह डॉक्टर कार्यवाही की अपेक्षा में थाने से लेकर उच्चअधिकारियों तक चक्कर लगा रहा है। रीवा जोन के आईजी से शिकायत होने के बाद कोलगवां थाना पुलिस ने तकरीबन 6 महीने पहले अपराध तो दर्ज कर लिया था लेकिन इस केस के आरोपी अभी पकड़े नहीं गए हैं। जबकि पुलिस के पास उन बैंक खातों की भी जानकारी है जिसमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस के पास वो मोबाइल फोन नंबर भी हैं जिनसे इस डॉक्टर से संपर्क स्थापित किया जाता था।
[पैसा दोगुना करने की लालच]
साइबर फ्रॉड करने वालों ने जिले के सामाजिक न्याय विभाग में पदस्थ डॉक्टर अमर सिंह चंदेल को अपना शिकार बनाया है। किसी ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए बेंगलुरु कर्नाटक की अनिका अरोड़ा बनकर संपर्क किया और उन्हें इन्वेस्टमेंट स्कीम समझा कर पैसा दुगना करने की लालच के जाल में उलझा लिया। उसकी बातों में आकर डॉक्टर चंदेल ने लगभग 15 लाख रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। इतनी बड़ी रकम देने के बाद अनिका अरोड़ा द्वारा दिए गए मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर लगातार बंद आने लगे। डॉक्टर चंदेल का इनसे संपर्क टूट गया, तब जाकर समझ आया कि उनके साथ ठगी हो गई है।
[ जगह-जगह हुई शिकायत ]
डॉक्टर अमर सिंह चंदेल ने इसकी शिकायत थाने से लेकर एसपी और साइबर हेल्पलाइन तक की, लेकिन कहीं से कुछ नहीं हुआ। तब उन्होंने रीवा आईजी से शिकायत की। इसके बाद भी अपराध दर्ज होने में लगभग दो महीने का वक्त लग गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोलगंवा थाना पुलिस ने 11 नवंबर 2025 को अनिका अरोड़ा बेंगलुरु कर्नाटक के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत धोखाधड़ी- ऑनलाइन फ्रॉड का अपराध पंजीबद्ध किया है। मालूम हुआ है कि वार्ड नंबर 11 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी घूरडांग सतना निवासी डॉक्टर अमर सिंह ने 18 जून 2025 को कोलगंवा थाने सहित एसपी के यहां शिकायत पत्र दिया था लेकिन जब इस पर कार्यवाही नहीं हुई तो उन्होंने 11 सितंबर को आईजी रीवा के यहां पत्र दिया। वहां से जब कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया तब थाने में 11 नवंबर 2025 को अपराध क्रमांक 1489 पंजीबद्ध हुआ। लगभग 6 महीने पहले दर्ज इस अपराध के आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं।
[एक नहीं,कई बार दिए पैसे]
डॉ अमर सिंह को ठगों ने अपनी बातों में ऐसा उलझाया कि उन्होंने ट्रेडिंग बिजनेस के नाम पर साल 2025 में 8 मई को 50 हजार, 13 मई को 1 लाख, 30 मई को 4 लाख, 6 जून को 3 लाख 48 हजार 300 एवं 10 जून को 5 लाख 97 हजार 100 रुपए ठगों के बताए हुए खाते में ट्रांसफर किए। डॉक्टर अमर सिंह ने सभी मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप नंबर सहित संबंधित बैंक खातों की जानकारी पुलिस को दी है। शायद पुलिस उन बैंक खातों और मोबाइल फोन नंबर की जानकारी अभी नहीं निकाल पाई है।
[इनका कहना है……]
पुलिस ने अपराध तो दर्ज कर लिया है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। न तो फ्रॉड करने वालों का पता चला है, न पैसा वापस मिला है।
अमर सिंह चंदेल
शिकायतकर्ता