एजेंसी,कोलकाता/नरसिंहपुर : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्लाजा पर टोल कलेक्शन में कथित धोखाधड़ी की जांच के सिलसिले में 14 जगहों पर तलाशी शुरू की। ईडी के लखनऊ जोनल ऑफिस ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत तलाशी शुरू की। ईडी की छापेमारी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू, मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और कोलकाता में फैली हुई थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग की जांच 22 जनवरी, 2025 को दर्ज एक FIR और 19 मई, 2025 की एक एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) के बाद की गई है। ED के मुताबिक, उसकी जांच में एक कथित सिस्टम का पता चला है जिसमें टोल प्लाजा पर स्वीकृत प्रणाली के बाहर रसीदें बनाने के लिए अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया गया था। एजेंसी यह जांच कर रही है कि क्या इन ट्रांजैक्शन से हुए कलेक्शन को बाद में NHAI के ऑफिशियल अकाउंट में दिखाए बिना कहीं और भेज दिया गया था।एजेंसी ने कहा कि उसके नतीजों को फोरेंसिक विश्लेषण के साथ-साथ NHAI से मिले रिकॉर्ड से भी समर्थन मिला है। ED के मुताबिक, अब तक जांचे गए दस्तावेजों से पता चलता है कि कथित गड़बड़ियों में ऐसे अनधिकृत एप्लीकेशन का इस्तेमाल किया गया है।अधिकारियों ने बताया कि ED इस कथित धन के डायवर्जन के फायदों और अपराध से मिली संदिग्ध कमाई की गतिविधि की जांच कर रही है। एजेंसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, वित्तीय रिकॉर्ड, ट्रांजैक्शन डिटेल्स, सॉफ्टवेयर से जुड़े सबूत और अन्य डॉक्यूमेंट्स ढूंढ रही है, जिनसे मनी ट्रेल (धन के मार्ग) और स्कीम से कथित तौर पर जुड़े लोगों या कंपनियों की भूमिका का पता लगाने में मदद मिल सके। नई छापेमारी पूरे मनी ट्रेल का पता लगाने और उन लोगों की पहचान करने पर फोकस है जिन्हें टोल कलेक्शन के कथित डायवर्जन से फायदा हुआ हो सकता है। ED इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य डॉक्यूमेंट्स की भी तलाश कर रही है जिससे इस डायवर्जन के बारे में जानकारी मिल सकती है। केंद्रीय जांच एजेंसी टोल कलेक्शन सिस्टम से कथित तौर पर जुड़े अलग-अलग लोगों और कंपनियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और संदिग्ध लेन-देन का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
पूर्व विधायक के करीबी शराब कारोबारी के ठिकानों पर दबिश
नरसिंहपुर के तेंदूखेड़ा राजमार्ग में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने छापा मारा है। बताया जा रहा है कि शराब कारोबारी रामलाल झारिया के ठिकानों पर दबिश दी गई है। रामलाल झारिया, पूर्व विधायक संजय शर्मा का करीबी बताया जा रहा है। फिलहाल ईडी के अधिकारी दस्तावेजों की जांच पड़ताल में जुटे हुए हैं। घर और कार्यालय में मौजूद कागजात खंगाल रहे है।नरसिंहपुर में बुधवार सुबह से कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक संजय शर्मा के राजमार्ग स्थित ऑफिस और संजय शर्मा के करीबी शराब ठेकेदार रामलाल झारिया के ठिकानों पर दबिश दी गई। तेंदूखेड़ा में भी ईडी के अधिकारियों ने रेड मारी। सूत्रों की माने तो ईडी की यह कार्रवाई टोल प्लाजा पर सॉफ्टवेयर के जरिए राशि की फेराफेरी और शराब से जुड़े मामले से जुड़ी हुई हैं। वहीं इस मामले में ईडी के अधिकारियों का कहना हैं कि जांच पूरी होने के बाद जानकारी दी जाएगी। बहरहाल संजय शर्मा के ऑफिस और उनके करीबी के घर ईडी की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
