नई दिल्ली। INDIA ब्लॉक के 10 सांसदों का डेलीगेशन शुक्रवार रात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिला। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। मीटिंग से बाहर आकर राहुल ने कहा कि पूरा देश जानता है कि देश में वोट चोरी हो रही है। राहुल ने कहा- राष्ट्रपति से मुलाकात अविश्वनीय रही। हमने इलेक्शन चोरी-वोट चोरी के बारे में बताया तो राष्ट्रपति ने इससे खंडन नहीं किया। उन्होंने कहा कि वे इसके बारे में सोचेंगी और एक्शन लेंगी। राष्ट्रपति ने हमसे सबूत मांगे हैं। ज्ञानेश कुमार ने भारत लोकतंत्र को तबाह किया है। ज्ञानेश कुमार वोट चोरी करा रहे हैं।राष्ट्रपति ने भी इससे इनकार नहीं किया। अब हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। वहीं खड़गे बोले- हमने वोट चोरी के बारे में राष्ट्रपति जी को बताया है। जहां जहां वोट चोरी हुई है। राष्ट्रपति ने उसके सबूत मांगे हैं, वो हम जुटा रहे हैं। विपक्षी सांसदों ने आज पार्लियामेंट के सेंट्रल हॉल में करीब 30 मिनट मीटिंग की। ममता बनर्जी पहली बार ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं।ममता ने कहा- हमें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि वह इसकी जांच करेंगी और पूरी जानकारी देखेंगी। उन्होंने सबूत मांगे हैं, जिन्हें भेजने की बात हमने कही है। देश इस मुद्दे को लेकर बहुत चिंतित है। आप संविधान की संरक्षक हैं, इसलिए लोकतंत्र की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि वह मामले की जांच करेंगी।विपक्षी सांसदों ने पिछले 4 दिनों में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीसरा मार्च निकाला है। इससे पहले 6 अक्टूबर को सेव डेमोक्रेसी मार्च निकाला था। फिर 7 मार्च को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए गए थे। रास्ते में रोक दिया गया। 8 अक्टूबर को कनॉट प्लेस से राजघाट तक मार्च निकाला था।
