■ नगर परिषद चित्रकूट को पेयजल सहित अन्य सुविधायें बहाल करने 80 लाख रूपये स्वीकृत
■कमिश्नर ने चित्रकूट में अधिकारियों की ली बैठक

सतना।रीवा संभाग के आयुक्त शीलेन्द्र सिंह ने मंगलवार को चित्रकूट नगर परिषद के सभाकक्ष में संभागीय अधिकारियों तथा जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी विभाग प्रमुख बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने और नागरिक सुविधायें बहाल करने के कार्य को तत्परतापूर्वक पूरा करायें। उन्होंने कहा कि राहत और पुनर्वास के कार्यों में ढिलाई नहीं बरतें। कमिश्नर ने बताया कि राज्य शासन के नगरीय विकास विभाग द्वारा चित्रकूट के नागरिकों की पेयजल सहित मूलभूत सुविधायें बहाल करने नगर परिषद चित्रकूट को 80 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस अवसर पर विधायक चित्रकूट सुरेन्द्र सिंह गहरवार, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, डीएफओ मयंक चांदीवाल, सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर विकास सिंह, एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर सहित सड़क विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के संभागीय तथा जिला विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
[पुल पुलिया और सड़क दुरुस्त करने के निर्देश]
कमिश्नर ने अतिवृष्टि और मंदाकिनी की बाढ़ से प्रभावित चित्रकूट सहित सतना जिले के अन्य क्षेत्रों में जल जमाव और बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई अधोसंरचनाओं सड़क मार्गों, पुल-पुलियों, एवं जलाशयों के क्षति की जानकारी ली और उनको दुरुस्त करने के संबंध में विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाहियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढों को मरम्मत कर रेस्टोरेशन करायें। इसी प्रकार सड़क के क्षति ग्रस्त हुए पुल-पुलियों पर आवश्यक मरम्मत और निर्माण कर उन्हें मोटरेवल बनायें। चित्रकूट हनुमानधारा मार्ग पर क्षतिग्रस्त हुए पुल की जानकारी लेते हुए कमिश्नर ने मुख्य अभियंता लोक निर्माण ब्रिज को दीपावली से पहले आवागमन सुचारू करने और आने वाली अमावस्या तक वैकल्पिक मार्ग बनाने के निर्देश दिये। पिण्डरा के पास पुल में मिट्टी से हुए सड़क कटाव को रेस्टोरेशन करते हुए आवागमन के लिए मोटरेवल बनाने के निर्देश दिये।
[ नए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएं ]
विद्युत विभाग ने बैठक में बताया कि चित्रकूट में 7275 विद्युत उपभोक्ता हैं। जिनमें से लगभग 6 हजार उपभोक्ताओं की सप्लाई रि-स्टोर कर दी गई है। 11 केवी के सभी फीडर चालू हैं। जबकि पानी के जमा होने से एलटी की 2 किमी की लाइन चालू नहीं हो पा रही है। कमिश्नर ने कहा कि पानी में डूबे हुए ट्रांसफार्मर को रिपेयर करने के बजाय नये ट्रांसफार्मर लगाये जायें।
[जारी है हैंडपंपों का क्लोरिनेशन]
बैठक में अधीक्षण यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी ने बताया कि सतना के ग्रामीण क्षेत्रों में 77 गांव में 1230 हैण्डपंपों का क्लोरीनेशन किया गया हैै। शेष 538 हैण्डपंपो का क्लोरीनेशन शीघ्र पूर्णं हो जायेगा। कमिश्नर ने कहा कि किसी भी क्षेत्र से गंदे पानी के कारण बीमारी फैलने अथवा मच्छर जनित बीमारियों के फैलने की स्थिति नहीं बननी चाहिए।
[बीमारियों की रोकथाम पर हो काम]
कमिश्नर ने कहा कि डूब क्षेत्र के घरों में रखे हुए भीगे अनाज और भीगे कपड़ों का निष्पादन उचित रूप से किया जाये, ताकि सडांध नहीं फैले। कमिश्नर ने बीमारियों के रोकथाम और घर-घर स्वास्थ्य सर्वे की जानकारी लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को और भी टीमें गठित कर अतिशीघ्र सर्वे का काम पूरा करने और क्लोरीन की गोलियां वितरित कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस कार्य में सदगुरू सेवा संघ की मेडीकल टीम तथा मेडीकल कॉलेज के डॉक्टरों का समन्वय सहयोग लिया जाये। उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी चित्रकूट में रूककर मेडीसिन की पर्याप्त उपलब्धता एवं सर्वे कार्य पूरा करायेंगे।
[कृषि और पशु चिकित्सा विभाग से ली जानकारी]
रीवा संभाग आयुक्त ने
कृषि विभाग के अधिकारियों से फसल क्षति की जानकारी तथा पशु चिकित्सा विभाग से मृत पशुओं के निस्तारण और पशुओं के बरसाती पानी से होने वाले रोगों के बचाव के लिए किये जा रहे टीकाकरण की जानकारी ली।
[प्रभावितों को दी जाए सहायता राशि]
पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने बताया कि एसडीआरएफ की तीन टीमें लोकल और एक-एक छतरपुर तथा रीवा से बुलाकर बचाव कार्य के लिए तैनात की गई हैं। चित्रकूट में सुरक्षा और बचाव के सभी इंतजाम किये गये हैं। अपर कलेक्टर विकास सिंह ने बताया कि चित्रकूट के 15 वार्ड में से 5 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। जिनमें से 3 वार्ड में सर्वे पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि बिरसिंहपुर, जैतवारा सहित अन्य बाढ़ग्रस्त नगरीय तथा ग्रामीण इलाकों में नुकसानी तथा फसल क्षति का सर्वे संयुक्त दलों द्वारा किया जा रहा है। कमिश्नर ने कहा कि नुकसानी सर्वे के उपरांत प्रभावितों को शीघ्र सहायता राशि स्वीकृत कर भुगतान की कार्यवाही की जाये।
[कमिश्नर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण]
रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने मंगलवार को चित्रकूट में संभागीय अधिकारियों एवं जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक के बाद बाढ़ एवं अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने रामघाट मोड़, पर्यटक होटल तिराहा तथा हनुमान धारा रोड पर क्षतिग्रस्त पुल के स्थल का निरीक्षण कर मौके की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने मंदाकिनी नदी के बढ़े हुए जलस्तर का भी अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों से नदी के जलस्तर एवं वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी प्राप्त की। कमिश्नर श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लगातार हो रही बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। क्षतिग्रस्त पुल एवं अन्य जोखिम वाले स्थानों पर आवागमन को नियंत्रित करने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और प्रशासनिक एवं आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह सक्रिय रहें। कमिश्नर ने चित्रकूट में पुरानी लंका तिराहा के पास बनाए गए आश्रय स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां ठहराए गए बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावितों से भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में सीधे जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आश्रय स्थलों में रह रहे प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी लोगों के लिए पर्याप्त भोजन एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के साथ आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रहें। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की जरूरतों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए गए।

