सतना। कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत टिकुरिया टोला में सामने आए धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों की जमानत माननीय न्यायालय ने खारिज कर सभी आरोपियों को केंद्रीय जेल भेज दिया। उल्लेखनीय है कि कोलगवां कोतवाली पुलिस ने चंगाई सभा चलाकर घर, नौकरी, शादी व पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया था।
हिंदू नौजवान को ईसाई बनाने की साजिश का हुआ था पर्दाफाश
गत 4 अक्टूबर को सतना शहर के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया था। जहां हिंदू नौजवान को तरह-तरह के प्रलोभन देकर और धर्मांतरण न करने पर तबाही बर्बादी का डर दिखाकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करने की साजिश का खुलासा हुआ था। फरियादी जगविजय उर्फ जग्गी वर्मा की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5 के तहत मामला दर्ज किया था। 25 वर्षीय फरियादी जग्गी वर्मा ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि वह शिक्षित हैं और लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रहे हैं। आरोपी कंचन महतो उन्हें ईसाई धर्म मानने वाली रेनू समुद्रे के पास ले गई, जहां उन्हें अच्छी नौकरी मिलने और सभी कष्ट दूर होने का झांसा दिया गया। 4 अक्टूबर को जब फरियादी टिकुरिया टोला स्थित रेनू समुद्रे के घर पहुंचे, तो वहां आरोपी ईशू समुद्रे और अन्य लोग भी मौजूद थे। आरोपियों ने फरियादी से हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा। साथ ही बेहतर स्वास्थ्य, नौकरी और रहने का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। मामले का भंडाफोड़ होने पर फरियादी ने विकास चतुर्वेदी और अश्वनी दाहिया के साथ थाना कोलगवां पहुंचकर आरोपियों रेनू समुद्रे, कंचन महतो और ईशू समुद्रे के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने त्वरित वैधानिक कार्यवाही की है।

धर्मांतरण केस की आरोपी रेनू को निलंबित करने की मांग
विश्व हिन्दू परिषद् ने जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर शासकीय हाई स्कूल धवारी की माध्यमिक शिक्षक रेनू समुद्रे पति संजय मलिक को निलंबित करने की मांग करते हुए कहा है कि रेनू समुद्रे, माध्यमिक शिक्षक के विरूद्ध धर्म परिवर्तन में लिप्त होने के कारण कोलगवां थाने में अपराध दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। मप्र सिविल सेवा वर्गीकरण-नियंत्रण और अपील नियम 1966 के नियम 9 (2) के अनुसार शासकीय कर्मचारी, पुलिस हिरासत, जेल में 48 घंटे से अधिक रहता है तो गिरफ्तारी करने की तारीख से निलंबित होता है। रेनू समुद्रे को 48 घंटे से अधिक समय पुलिस अभिरक्षा जेल में समय हो गया है।अतः रेनू समुद्रे को तत्काल निलंबित कर इसके विरूद्ध विभागीय जांच करायी जाय। एडीएम विकास सिंह को ज्ञापन देते हुए आरोप लगाया गया कि ये शिक्षक होकर विद्यार्थियों को धर्मान्तरण के लिए उकसाती है तथा उनका ब्रेनवाश करती है। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला शिक्षा अधिकारी एवं प्राचार्य शा. हाई स्कूल धवारी, सतना को संबोधित की गई है।
