अभीजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका को पुलिस ने फ्लाइट से ही लिया हिरासत में, जंतर मंतर नहीं पहुंच पाए प्रदर्शनकारी
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की सख्ती की वजह से कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच पाए। पुलिस ने सीजेपी की लीडरशिप अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को सुबह ही एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया था। दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को केरल हाउस से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) नेताओं के साथ मार्च करते समय हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार भी शामिल है। इसके अलावा पुलिस ने जंतर-मंतर की तरफ बढ़ रहे बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को भी हिरासत में लिया। पार्टी ने सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था। समर्थकों ने यहां पहुंचने की कोशिश भी की, लेकिन कई जगह 3 से 5 लेयर की बैरिकडिंग की वजह से आगे नहीं बढ़ने दिया। अब तक 7000 लोगों को कस्टडी में लिया गया। 38 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी दिल्ली में तैनात हैं। CJP ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों और SIR के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था।
सुबह से शुरू हुए प्रदर्शन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार झड़प देखने को मिली। इस दौरान संसद मार्ग स्थित आकाशवाणी भवन के समीप पुलिस और प्रदर्शनकरियों के बीच तेज झड़प हुई।प्रदर्शनकरियों ने झड़प के दौरान पत्थरबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बल पर बल प्रयोग करने एवं कथित भाजपा एवं आरएसएस के लोगों द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाया है।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और उनके साथी कार्यकर्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को शनिवार को नई दिल्ली में उतरते ही दिल्ली पुलिस ने विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया। तीनों को आईजीआई हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया, जहां महिला पुलिसकर्मियों ने विमान में प्रवेश कर उन्हें हिरासत में लिया। दिपके को दिल्ली पुलिस अधिकारियों से यह कहते हुए देखा गया, “मैं यहां गिरफ्तार होने आया हूं, मुझे गिरफ्तार कर लो। मुझे तुम लोगों से डर नहीं लगता।” उनसे और उनकी टीम से आज जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयोग (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने की उम्मीद थी, जबकि सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के मध्य में आंदोलन को रोकने के लिए अभूतपूर्व प्रतिबंध लागू किए है।
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी, अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसए) और अन्य छात्र एवं राजनीतिक समूहों द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल के हजारों जवान दिल्ली की सड़कों पर मार्च कर रहे है।अभूतपूर्व सुरक्षा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राजधानी भर में लगभग 38,000 पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है, कम से कम 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास प्रतिबंधित हैं, विरोध क्षेत्र में और उसके आसपास मोबाइल इंटरनेट बंद है, जबकि विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर कायरता का आरोप लगाया
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “मैं एक दशक से ज़्यादा समय से नरेंद्र मोदी और RSS से लड़ रहा हूं। इन लोगों की मुख्य पहचान कायरता है। उन्होंने मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, ज्ञानेश कुमार और अजीत डोभाल को इस कहानी का विलेन बताते हुए कहा, “हम सबको गिरफ़्तार कर लो. हम पीछे नहीं हटेंगे। गांधी ने संकल्प लिया, “हम अपने संविधान की रक्षा करेंगे और भारत के लोगों की आवाज़ की हिफ़ाज़त करेंगे। उन्होंने भारत के युवाओं की तारीफ़ करते हुए कहा, “मुझे आप पर गर्व है। विरोध जारी रखें।
छात्रों ने भूख हड़ताल की घोषणा की
राज्यसभा सांसद ए.ए. रहीम ने स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर नांगलोई स्टेडियम में भूख हड़ताल की घोषणा की, जहां लगभग 300 छात्रों को हिरासत में रखा गया था। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस के उस इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई और माफी की मांग की, जिसने कथित तौर पर छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया था। उन्होंने उन मोबाइल फोन और बैगों को वापस करने की भी मांग की, जिनके बारे में उनका आरोप था कि पुलिस ने उन्हें गैर-कानूनी तरीके से जब्त कर लिया था।
सोनम वांगचुक ने सरकार को 24 घंटे का दिया अल्टीमेटम, अनशन करने की दी चेतावनी
सोनम वांगचुक ने हिरासत में लिए गए सभी लोगों को 24 घंटे के अंदर रिहा करने की अपील की है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर सरकार से हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग की। उन्होंने वीडियो में कहा,कुछ देर पहले वापस आने पर पता चला कि आज दिल्ली में बहुत सारी गिरफ़्तारियां हुई हैं, छात्र नेताओं की, युवा नेताओं की, वकीलों की, पत्रकारों की, यहां तक कि सांसदों की भी। उन्होंने कहा,कल उन्हें लगा था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दे दी जाएगी। मगर अब लग रहा है कि देशभर में जैसे कोई अघोषित आपातकाल लगा है। उन्होंने सरकार से कहा,अगर अगले 24 घंटों में भी गिरफ़्तारियां नहीं हटाई गईं, तो मैं भी एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर विचार करने के लिए मज़बूर हो जाऊंगा।उन्होंने कहा कि वह धरना, अनशन या पदयात्रा, कुछ भी कर सकते हैं और यह दिल्ली या लेह में कहीं भी हो सकता है।

