जबलपुर। शहर के कबाड़ी बाजार में सोमवार को आधी रात आग भड़क उठी। खास बात ये है कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने नगर निगम और जिला प्रशासन को आदेश दिया था कि जबलपुर में लगातार अग्नि दुर्घटनाएं बढ़ रही है। इसलिए ऐसे स्थानों की जांच की जाए। लोगों को नोटिस दिए जाएं कि जहां अग्नि दुर्घटनाओं की आशंका है, वहां सावधानी बरती जाए। इसके बाद भी नगर निगम प्रशासन सोता रहा।
दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंची
जबलपुर के गुरंदी बाजार में देर रात लगभग 2:00 बजे एक दुकान में आग लगी। उस वक्त इन दुकानों में कोई नहीं था। यह जबलपुर का कबाड़ी बाजार है। देखते ही देखते आग एक दुकान से दूसरी दुकान होते हुए आसपास की 7 दुकानों तक पहुंच गई। जैसे ही इस घटना की जानकारी नगर निगम के अग्निशमन दल को मिली तो एक-एक करके दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंची, तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन लाखों रुपए का माल जलकर खाक हो गया।
एक दिन पहले ही हाई कोर्ट ने नगर निगम को दिया था नोटिस
मौके पर पहुंचे सीएसपी महादेव नागोटिया ने बताया आग बहुत अधिक तेज थी। यह बहुत घना इलाका है। इसलिए आग बुझाने वाली गाड़ियां मौके तक नहीं पहुंच पा रही थी। दुकान एक दूसरे से सटी हुई है। इसलिए आग बुझाने में थोड़ा समय ज्यादा लगा। जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है, जिसमें कल ही मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने जबलपुर नगर निगम जबलपुर प्रशासन को नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया है शहर के भीतर कई ऐसे कारोबार बिना फायर सेफ्टी के हो रहे हैं, जिनमें आग लगने की आशंका है। इन सभी की जांच की जाए ताकि अग्नि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
आग की लगातार घटनाएं, सबक नहीं लिया
एडवोकेट दिनेश उपाध्याय ने बताया जबलपुर में फायर सेफ्टी की लापरवाही की वजह से एक अस्पताल में आग लगी थी और कई बच्चों की जान चली गई थी। जबलपुर में बीते कुछ दिनों में कई बड़ी आग की दुर्घटनाएं सामने आईं। दो माह पहले सतना बिल्डिंग के ठीक पीछे कपड़े के कारखाने में आग लगी थी। इसमें करोड़ों रुपए का कपड़ा खाक हो गया था। यह बिल्डिंग 4 मंजिला थी और पूरी बिल्डिंग में कपड़े का कारोबार होता था। जबलपुर के बायपास पर यूनिटी लॉजिस्टिक पार्क में आग लगी थी, इस आग पर 24 घंटे में नियंत्रण पाया जा सका था और दमकल की 100 से ज्यादा गाड़ियां आग बुझाने का काम कर रही थीं।
फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं
जबलपुर में अप्रैल 2025 में एक अस्पताल के पांचवें फ्लोर पर आग लगी थी। फायर सेफ्टी नियमों का पालन न होने की वजह से कई मरीजों की जान संकट में पड़ गई थी। दपिछले महीने करमचंद चौक पर पहली मंजिल पर चल रहे कपड़े के कारखाने में आग लगी। इस इमारत में कई परिवार भी रहते है। इस इमारत में भी कई क्विंटल कपड़ा था। जबलपुर शहर के ही भीतर कपड़ा कबाड़ पटाखा लकड़ी फर्नीचर के कारखाने और कई ऐसे सामानों की दुकानें हैं, जिनमें यदि आग लग जाए तो उस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सकता। इसके साथ ही आधे से ज्यादा शहर की बसाहट ऐसी है कि उन संकरी गलियों में फायर फाइटिंग यूनिट नहीं पहुंच पाती।
