डॉक्टर-स्टाफ गायब, गंदगी और बायोमेडिकल वेस्ट में भारी लापरवाही
सतना।शहर के बस स्टैंड स्थित संजीवन हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने अस्पताल का पंजीयन एवं अनुज्ञापन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। निरीक्षण में अस्पताल की व्यवस्थाओं में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई मध्यप्रदेश उपचर्या गृह तथा रुजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 के तहत की गई। सीएमएचओ कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती पर तत्काल रोक लगा दी गई है। वहीं वर्तमान में भर्ती मरीजों को अन्य मान्यता प्राप्त अस्पतालों में रेफर करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि बिना वैध पंजीयन एवं अनुज्ञापन के अस्पताल का संचालन पाया गया तो संचालक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण में खुली अस्पताल की पोल
जानकारी के मुताबिक सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला द्वारा 20 अप्रैल 2026 को संजीवन हॉस्पिटल का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में न तो कोई चिकित्सक मौजूद मिला और न ही नर्सिंग स्टाफ उपस्थित था। अस्पताल के वार्ड और टॉयलेट गंदगी से भरे मिले तथा साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब पाई गई। जांच टीम को अस्पताल प्रबंधन द्वारा वहां कार्यरत चिकित्सकों की जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके अलावा ऑपरेशन थियेटर में संक्रमण नियंत्रण संबंधी कोई मानक व्यवस्था नहीं पाई गई, जिससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब
बताया गया कि निरीक्षण के अगले दिन 21 अप्रैल को अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अस्पताल संचालक की ओर से कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया।
संचालन मिला तो होगी कार्रवाई
सीएमएचओ कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि पंजीयन निरस्त होने के बाद भी यदि अस्पताल का संचालन किया गया तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि उपचार के लिए केवल मान्यता प्राप्त अस्पतालों का ही चयन करें।
लापरवाही मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का पालन नहीं पाया गया। अस्पताल परिसर में चिकित्सकीय कचरे के निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संपूर्ण परिसर को असुरक्षित और अव्यवस्थित चिकित्सकीय वातावरण वाला बताया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस तरह की लापरवाही मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी।