जबलपुर। बिजली कंपनी की कारनामे अक्सर चर्चा में रहते है। 26 साल पहले स्वर्ग सिधार चुके दादा के नाम का बिजली बिल बिजली कंपनी ने जारी किया। उनके पोते से बिजली बिल वसूलने के लिए बिजली कंपनी ने दुकान की दो बार बिजली काट दी। बिल में ऐसी कोई जानकारी भी नहीं है कि ये कब जनरेट किया गया है, क्यों जनरेट किया गया।
दादा के नाम से करीब 4 हजार का बिल बकाया
जबलपुर के गोरखपुर थाने के पास एक किराना दुकान दिलीप कुमार और दीपक कुमार मिलकर चलाते है। ये इन दोनों की पुश्तैनी दुकान है, जिसे कभी इस परिवार के बुजुर्ग नवल कुमार हेमरजानी ने शुरू किया था। नवल कुमार हेमरजानी का निधन 2001 में हो गया था।दिलीप कुमार ने बताया- अप्रैल 2026 में उनके पास मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की ओर से बिजली बिल आया, जो 4050 रुपये का था। हम इस बिजली बिल को देखकर चौंक गए, क्योंकि मेरे पिताजी को गुजरे हुए 26 साल हो गए है। 26 साल बाद उनके नाम का कोई मीटर भी नहीं है। यहां तक कि अब उनकी दुकान पर भी जो मीटर है, वह दीपक कुमार के नाम पर है, जो नवल कुमार के पोते है।
बिजली कटने से 15 हजार की आइसक्रीम खराब
दिलीप कुमार ने बताया- सबसे ज्यादा समस्या तब हुई, जब दादा के बिल के आधार पर पोते की दुकान की बिजली काट दी गई। हमारी दुकान पर स्मार्ट मीटर लगा हुआ है। इसलिए बिजली काटने के लिए कोई दुकान पर नहीं आया बल्कि ऑफिस में बैठे-बैठे ही उन्होंने बिजली डिस्कनेक्ट कर दी। जब बिजली बंद हुई, तब दुकान पर काम से कम ₹15000 की आइसक्रीम रखी हुई थी, वह पूरी तरह खराब हो गई।उनका कहना है- वह इस समस्या को लेकर जबलपुर के मिशन कंपाउंड स्थित बिजली ऑफिस पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात अजय मालवीय जूनियर इंजीनियर से हुई. उनका कहना है कि हम ज्यादा से ज्यादा ₹100 का डिस्काउंट कर सकते हैं लेकिन आपको लगभग 3950 तो जमा करना ही पड़ेगा, तभी बिजली चालू होगी। हालांकि बाद में दुकान की बिजली चालू कर दी गई।
30 साल पहले लगे मीटर का बिल
दिलीप कुमार का कहना है कि 15 दिन बाद फिर उनकी बिजली काट दी गई और उनसे फिर कहा गया कि पहले आप नवल कुमार के नाम का जो बिजली बिल बकाया है, उसको जमा करे। नहीं तो आपकी बिजली काटी जाएगी। हालांकि दीपक कुमार के नाम का कोई बिजली बिल बाकी नहीं है।उनका कहना है – यदि 30 साल पहले का कोई बिजली बिल बाकी था तो आपने अब तक हमें कोई सूचना क्यों नहीं दी और दादा के नाम का तो मीटर ही दुकान पर 30 साल पहले रहा होगा, उसकी जानकारी भी हमें नहीं है। ऐसी स्थिति में बिजली काटना गलत है। दोबारा फिर उनकी बिजली जोड़ दी गई, लेकिन अभी भी उनका बिल बाकी है।
बिजली बिल बकाया होगा, इसलिए जनरेट हुआ
इस मामले में जबलपुर सिटी सर्किल के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर दिनेश पाल का कहना है नवल कुमार ने कभी अपना मीटर परमानेंट डिस्कनेक्ट करवाया होगा और उस समय उनका बिजली बिल बाकी रहा होगा। यह अभी तक हमारे दस्तावेज में बाकी बता रहा था, लेकिन अब पूरे दस्तावेज डिजिटल हो गए है। इसलिए ऑटोमेटिक यह रिमाइंडर सामने आ जाता है। लेकिन यह तो तय है कि यदि नवल कुमार का बिजली बिल बाकी है तो उनके उत्तराधिकारियों को उसको भरना होगा, नहीं तो यह बिजली बिल जेनरेट होता रहेगा और उनकी बिजली कटती रहेगी।
जबलपुर में 8 हजार उपभोक्ताओं को नोटिस
दिनेश पाल का कहना है-जबलपुर में इस तरह की लगभग 12000 परमानेंट डिस्कनेक्शन के मामले थे, जिनमें बिजली बिल बकाया थे। इनमें से 8000 लोगों को हमने नोटिस दिए हैं, क्योंकि बीच में समाधान योजना में सरकार ने लोगों को काफी रियायत दी थी लेकिन इसके बावजूद लोगों ने बिजली बिल जमा नहीं किया। इसलिए अब इन बिजली बिलों को वसूलने में सख्ती बरती जा रही है।