■ चर्चा में आया महापौर का पत्र
सतना। नगर निगम कमिश्नर और मेयर के बीच तालमेल नहीं बैठ रहा यह बात पहले ही तब उजागर हो चुकी है जब मेयर ने कमिश्नर को हटाए जाने की बात कलेक्टर से की थी। अब तो नौबत यह है कि कमिश्नर से संबंधित मेयर का कोई पत्राचार होता है वो भी जग जाहिर हो जाता है। सवाल यह है कि विभागीय बातें सार्वजनिक कैसे और किस मकसद से हो रही हैं।
यहां बता दें कि रविवार और सोमवार को बारिश हुई। पहले दिन की बारिश में ही जगह जगह जलभराव हो गया। लोगों ने इसके लिए नगर निगम को जिम्मेदार बताया। कहा गया कि जल निकासी के समुचित इंतजाम न होने से जलभराव होने पर लोगों को असुविधा हुई। इसी संबंध में मेयर योगेश ताम्रकार ने नगर निगम कमिश्नर को एक पत्र लिखा जो वायरल हो कर चर्चा का विषय बन गया। लोगों के बीच सवाल रहा कि क्या यह पत्र शहर को यह बताने की कोशिश है कि शहर की दुर्दशा के लिए सीधे तौर पर सिर्फ नगर निगम कमिश्नर जिम्मेदार हैं, मेयर बिल्कुल दोषी नहीं हैं क्यों कि कमिश्नर उनकी सुनते ही नहीं हैं। यहां उल्लेखनीय है कि कलेक्टर से शिकायत के वक्त
पहले भी यह बात आ चुकी है कि कमिश्नर फाइलों को अपने पास रखे रहते हैं,उस पर जवाब तक नहीं देते। बहरहाल, मेयर का जो पत्र चर्चा में आया उसमें नगर निगम कमिश्नर से जो कहा गया है उसका आशय है कि समय रहते फाइल निपटती तो शायद शहर को जलभराव और गंदगी से परेशानी न होती।
महापौर योगेश ताम्रकार की तरफ से आयुक्त नगर पालिक निगम को लिखा गया पत्र 27 मार्च 2026 को प्रस्तुत फाइल पर कार्यवाही न करने एवं वर्षा पूर्व सफाई व्यवस्था में गंभीर लापरवाही के संबंध में है। जिसमें कहा गया है कि हाल ही में हुई वर्षा के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भारी जलभराव की स्थिति निर्मित हुई, जिससे आमजन को अत्यधिक असुविधा एवं संकट का सामना करना पड़ा, जो कि यह अत्यंत गंभीर एवं निंदनीय स्थिति है।यह स्थिति नगर निगम प्रशासन की घोर लापरवाही एवं कार्य के प्रति उदासीनता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। वर्षा ऋतु के पूर्व शहर की सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था को सृदृढ़ करने हेतु नगर पालिक निगम सतना की स्वास्थ्य शाखा द्वारा 27 मार्च 2026 को आउटसोर्स माध्यम से 30 जून तक के लिए 60 कर्मचारियों की भर्ती संबंधी फाइल आपकी ओर प्रेषित की गई थी। परंतु उक्त फाइल पर कोई स्वीकृति अथवा कार्यवाही नहीं की गई, जो कि अत्यंत गंभीर प्रशासनिक विफलता है।यह स्पष्ट है कि यदि समय रहते उक्त फाइल को स्वीकृति प्रदान कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाती, तो वर्तमान में उत्पन्न जलभराव की स्थिति को काफी हद तक टाला जा सकता था। अतिसंवेदनशील विषय के प्रति आपकी उदासीनता के कारण नगर निगम की व्यवस्था पर प्रश्नचिह लगा है तथा आम नागरिकों में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हुई है। आयुक्त से कहा गया है कि
स्वास्थ्य शाखा द्वारा सफाई संरक्षकों की भर्ती हेतु प्रेषित फाइल पर तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए 30 जून 2026 तक के लिए 60 सफाई कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया बिना किसी विलंब के पूर्णं कराई जाए। शहर के सभी प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी एवं सफाई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से सृदृढ़ की जाए। कहा गया है कि यदि इस संबंध में तत्काल प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की गई तो शहर की स्थिति और खराब हो सकती है जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी आपकी होगी। इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाये जायें तथा की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन कार्यालय को प्रेषित किया जाना सुनिश्चित किया जावे।