नागौद का मामला, वसूली के आदेश
सतना। जिले की नागौद नगर परिषद में तरह-तरह से लाखों रुपए का गोलमाल किए जाने की जानकारी प्रकाश में आई है। सूत्र बताते हैं कि नगर परिषद के तत्कालीन प्रभारी सीएमओ लखनलाल ताम्रकार के कार्यकाल के दौरान तकरीबन 16 लाख की वित्तीय अनियमितता का खुलासा ऑडिट रिपोर्ट से हुआ है। जिसके बाद वसूली के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
[छोटे टेंडर, बड़ी खरीदी]
सरकारी विभाग में किसी भी तरह की बड़ी खरीदी के लिए निविदा आमंत्रित की जानी चाहिए। आरोप है कि इस नियम को दरकिनार कर मनमाने तरीके से खरीदी की गई और गर्दन बचाने के लिए खरीदी की रकम के टुकड़े कर दिए गए। सूत्रों के अनुसार, विद्युत सामग्री की खरीदी में लगभग साढे 5 लाख का गड़बड़झाला किया गया। चूंकि बड़ी राशि की खरीदी के लिए ई टेंडर निकालना अनिवार्य होता है। इस लिए इस नियम से बचने फाइलों को एक-एक लाख रुपये से कम में तैयार किया गया। इसके बाद कोटेशन के माध्यम से बाजार दर से दो से तीन गुना अधिक कीमतों पर सामग्री खरीदी दिखाई गई।
[तेल में खेल]
घोटालेबाज घोटाला करते वक्त भूल गए कि जिस वाहन की कुल ईंधन टैंक क्षमता महज 60 लीटर है, उसमें एक बार में 70 से लेकर 114 लीटर तक डीजल कैसे आ सकता है। उन्होंने यह कमाल कर दिखाया, 60 लीटर के डीजल टैंक में सौ से अधिक लीटर डीजल डल गया। इतना ही नहीं, नियमों को ठेंगा दिखाते हुए उपाध्यक्ष और उपयंत्री जैसे अपात्र व्यक्तियों के वाहनों में 3 लाख 10 हजार का ईंधन नियम विरुद्ध तरीके से बांट दिया गया।
[ ताक पर नियम निर्देश ]
लोकसभा निर्वाचन 2024 के दौरान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के सख्त निर्देश थे कि मतदान दलों के भोजन का भुगतान स्वयं किया जाएगा। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर निकाय निधि से एक टेंट हाउस को 1 लाख 40 हजार का भुगतान कर दिया गया।
[ डिमांड से ज्यादा सप्लाई ]
नल कनेक्शन सामग्री के लिए आए एक आवेदन की चार फोटोकॉपी कराकर, टुकड़ों में चार अलग-अलग फाइलें तैयार की गई। इसके बाद मांग से 10 गुना अधिक सामग्री खरीदकर स्थानीय सप्लायरों को 1 लाख 83 हजार का भुगतान कर दिया गया।