■सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी को बनाया शिकार
सतना। समय-समय पर साइबर जागरूकता अभियान चलाकर आमजन को साइबर अपराधों से बचाव हेतु जागरूक किया जाता है। साथ ही सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से साइबर सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी भी जारी की जाती हैं। इसके बावजूद जागरूकता के अभाव में नागरिक साइबर ठगों के झांसे में आकर आर्थिक नुकसान का शिकार हो रहे हैं। एक नया मामला मैहर जिले से लाखों रुपए की ठगी का सामने आया है।
मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र में डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड का एक गंभीर मामला सामने आया है जिसमें एक सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी से 22 लाख रुपए की ठगी कर ली गई है। सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी मानेन्द्र सिंह को 5 मई को अज्ञात साइबर ठगों द्वारा स्वयं को टेलीकॉम विभाग, दिल्ली पुलिस, सीबीआई एवं आरबीआई का अधिकारी बताकर फोन किया गया। ठगों ने उनके नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग एवं करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन का मामला दर्ज होना बताकर गिरफ्तारी की धमकी दी तथा लगातार व्हाट्सएप कॉल, वीडियो कॉल एवं फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से उन्हें मानसिक रूप से भयभीत एवं नियंत्रित रखा।आरोपियों ने फर्जी जांच एवं सत्यापन की प्रक्रिया का हवाला देकर फरियादी से उनके बैंक खातों एवं एफडी की जानकारी प्राप्त की तथा खातों की जांच के नाम पर एफडी तुड़वाकर राशि एकत्रित करवाई। इसके बाद आरबीआई द्वारा जांच किए जाने का झांसा देकर एक निजी कंपनी के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 22 लाख रुपए जमा करा लिए। आरोपियों ने आश्वासन दिया था कि जांच पूर्ण होने के बाद राशि वापस कर दी जाएगी, किन्तु बाद में यह पूरा घटनाक्रम डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी का निकला।पुलिस आवश्यक कार्रवाई कर रही है।