■दुकान मालिक पर जबरिया दुकान खाली कराए जाने का आरोप, सामान चोरी कर लेने की शिकायत
सतना। शहर की मशहूर लोटन मुंगौड़ी वाली दुकान के दो हिस्से हो जाने के बाद अब एक दुकान में कब्जे का विवाद सामने आया है। मामला थाने से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक पहुंचा है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक लोटन कुशवाहा के तीन बेटों में सबसे बड़े नरेश कुशवाहा पुरानी दुकान संभालते हैं। मझले बेटे सुरेश की नरेश के साथ नहीं पटती थी इसलिए उसने नरेश की दुकान के बगल में अपनी अलग दुकान खोल दी थी। सबसे छोटा रमेश भरहुत नगर में पोहा की दुकान चलाता है। कोलगंवा थाना क्षेत्र अंतर्गत संग्राम कॉलोनी में रहने वाले सुरेश कुशवाहा का कहना है कि उन्होंने शहर बाजार में अस्पताल चौक के नजदीक धवारी निवासी अरुण द्विवेदी से वर्ष 2019 में एक लाख रुपए पगड़ी और 9 हजार रुपए मासिक किराए पर दुकान ली थी। अब इस दुकान का मासिक किराया 12 हजार रुपए हो गया था। किराएदारी अनुबंध के मुताबिक 2 मई 2027 तक वह इस दुकान का उपयोग कर सकते थे लेकिन अरुण द्विवेदी ने इस साल 2026 में बीते जनवरी महीने से ही दुकान खाली कर देने के लिए लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया। दुकान खाली करने के लिए उसने तरह-तरह के हथकंडे अपनाए। दुकान की शटर को बेल्डिंग कराकर बंद कर दिया। पुलिस से भी दुकान खाली कर देने के लिए दबाव बनवाया लेकिन जब दुकान खाली नहीं की गई तो जबरिया दुकान का सारा सामान उठाकर अपना ताला लगा दिया।
[ अप्रैल में हुई थी चोरी, अब तक नहीं हुई कार्रवाई ]
सुरेश ने बताया कि बीते अप्रैल महीने की 2 तारीख को रात करीब 10 बजे वह दुकान बंद कर घर चले गए और 3 तारीख को जब सुबह दुकान पहुंचे तो दुकान का ताला बदला था। बाद में पता चला कि रात के वक्त दुकान के अंदर का सारा सामान उठा लिया गया है। उन्होंने बताया कि दुकान में काउंटर, भट्टी, फ्रिज, सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर सहित अन्य सामान था जिसके चोरी हो जाने की सूचना 3 अप्रैल को सिटी कोतवाली में दी गई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं किया जबकि दुकान के आसपास के सीसीटीवी कैमरा की रिकॉर्डिंग से पुलिस को ठोस सुराग और प्रमाण मिल सकते थे।
[आरोप: शिकायत वापस लेने पुलिस बना रही दबाव]
सुरेश ने बताया कि पुलिस द्वारा शिकायत पर कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी। अब सीएम हेल्पलाइन की शिकायत बंद कराने के लिए पुलिस दबाव डाल रही है। गत 13 जून को भी उन्हें इसी संबंध में किसी पुलिसकर्मी ने फोन कर कोतवाली आने के लिए कहा था। सुरेश का कहना है कि जब शिकायत पर कोई कार्रवाई पुलिस द्वारा नहीं की गई है तो शिकायत कैसे बंद करा सकते हैं। सुरेश ने बताया कि दुकान जबरिया खाली कराने की कोशिश में दुकान का सारा सामान चुराया गया है। इस संबंध में अब उन्होंने न्यायालय की शरण ली है। इसी विषय से संबंधित एक प्रकरण में एसडीएम न्यायालय में 22 जून को पेशी भी है। सुरेश कुशवाहा द्वारा लगाए गए आरोप कितने सही हैं यह जांच का विषय है।
