■ दो टूक चेतावनी- नियम कायदे का पालन नहीं, तो कार्रवाई तय
सतना। मैहर जिले में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कलेक्टर के मिजाज सख्त हैं। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई 161 प्रतिशत पहुंचने को अत्यंत गंभीरता से लिया है।
गौरतलब है कि मैहर जिले की आबोहवा दुरुस्त रखने के मकसद से कलेक्टर ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खनिज एवं राजस्व के अधिकारियों के साथ औद्योगिक सीमेंट संस्थान, क्रेशर संचालकों एवं चूना भट्टी संचालकों की समीक्षा बैठक लेकर पर्यावरण सुधार और प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में आवश्यक रूप से सभी कार्यवाहियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर ने औद्योगिक प्रतिष्ठान, क्रेशर और चूना भट्टी संस्थानों को स्पष्ट कहा कि सुरक्षा और प्रदूषण नियत्रंण के संबंध में खदान और संस्थान में जो भी नार्म्स तय किये गये हैं उनका शत-प्रतिशत रूप से कड़ाई से पालन करें। अन्यथा खदान क्लोजर की कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।
[ 10 दिन की दी मोहलत ]
कलेक्टर ने कहा कि वायु प्रदूषण में लगातार हो रही वृद्धि के फलस्वरूप और जिले में उद्योगों से उत्सर्जित धूल-धुआं से प्रदूषण नियंत्रण के जांच के लिए जिला मुख्यालय मैहर के 20 किमी की परिधि में आने वाले खनिज आधारित उद्योग क्रेशर संयंत्र और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की भौतिक जांच करने टास्क फोर्स भी गठित की गई है। उन्होंने कहा कि सभी संस्थान 10 दिवस के भीतर प्रदूषण नियंत्रण के संबंध में समस्त कार्यवाहियां पूरी कर लें। उन्होंने कहा कि खनिजों का अवैध रूप से भंडारण, परिवहन और उत्खनन नहीं होना चाहिए। सभी संस्थान सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के प्रोटोकाल और मानदण्डों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
[ टास्क फोर्स को निर्देश ]
कलेक्टर ने कहा कि जिला मैहर के एयर क्वालिटी इन्डेक्स की समीक्षा में पाया गया कि उद्योगों से उत्सर्जित धूल और धुआं, जनसामान्य के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहे हैं। टास्क फोर्स सभी उद्योगों में डस्ट सप्रेशन सिस्टम, बैग फिल्टर, स्प्रिंकलर, बाउण्ड्रीवाल, ग्रीन बेल्ट, वृक्षारोपण एवं धूल-धुआं नियंत्रण मानकों की वैधानिकता का भौतिक सत्यापन करेगी। कलेक्टर ने कहा कि सड़कों पर वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक और खुले स्वरूप में खनिजों का परिवहन नहीं किया जाये। सभी खदान संचालक अपनी स्वीकृत लीज के अनुसार ही क्षेत्र में उत्खनन करेंगे। साथ ही वाहनों की क्षमता से अधिक टीपी जारी नहीं की जाये।
[ प्रदूषण नापने बढ़ेंगे मीटर ]
यहां बता दें कि मैहर जिले में ए.क्यू.आई. का स्तर नापने के लिए मां शारदा मंदिर की पहाड़ी पर मीटर लगाया गया है। जिसमें ए.क्यू.आई. स्तर 161 प्रतिशत दर्ज किया गया है। कलेक्टर ने संबंधित से कहा है कि शहर में अन्य स्थानों पर और भी मीटर लगवायें और उनकी दिन में तीन बार की रीडिंग विश्लेषण के लिए उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा है कि सभी संस्थानों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए धूल-धुआं वाले स्थानों पर कैमरा लगाकर उसका एक्सेस मानीटरिंग के लिए उपलब्ध कराएं।
[ आज जागरुकता रैली का होगा आयोजन ]
कलेक्टर ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 जून को स्टेडियम से घंटाघर तक जन जागरूकता रैली का आयोजन किया जायेगा। सभी औद्योगिक संस्थान एवं क्रेशर संचालक इसमें सहभागिता करें और अधिक से अधिक पौधारोपण कराकर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान करें।
[ 7 लाख 74 हजार से अधिक पौधे लगेंगे ]
पर्यावरण एवं जल संरक्षण को बेहतर बनाने मैहर जिले में इस मानसून सीजन में 7 लाख 74 हजार 650 से अधिक पौधों का रोपण किया जायेगा। कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने पौधा रोपण की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं को उनके लक्ष्य आवंटित करते हुए सफलतापूर्वक पौधारोपण कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य का 50 प्रतिशत पौधारोपण पोर्टल पर अपलोड किये जाये।
