सतना। जिला कांग्रेस कमेटी का शहर अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार आरिफ इकबाल का तल्ख बयान सामने आया है। उन्होंने सीधे और कड़े शब्दों से भाजपा सरकार और जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
[ विफलता छिपा रही सरकार ]
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर सार्वजनिक रूप से की गई अमर्यादित टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। मुख्यमंत्री जैसे गरिमामयी और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के मुख से ऐसी अशोभनीय भाषा भाजपा नेतृत्व की बौखलाहट को साफ दर्शाती है। प्रदेश की भाजपा सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए अब अभद्र भाषा पर उतर आई है। यह बात जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष आरिफ इकबाल सिद्दीकी ने अपने जारी बयान में कहीं।
[ विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं ]
आरिफ इकबाल ने कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा का शीर्ष नेतृत्व बेलगाम महंगाई, व्यापक भ्रष्टाचार और बढ़ती बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर पूरी तरह मौन है। नीट पेपर लीक होने, परीक्षाओं के रद्द होने और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होने पर सरकार के पास आम जनता और विपक्ष के सवालों का कोई जवाब नहीं है। प्रदेश की जनता आज बिजली, पानी, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। अधूरी पड़ी विकास परियोजनाएं और बढ़ता प्रदूषण बच्चों, बूढ़ों और जवानों के स्वास्थ्य को बीमार कर रहा है।
[सांसद महापौर पर टिप्पणी]
कांग्रेस शहर अध्यक्ष ने कहा कि सांसद और महापौर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे। जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा जनहित से जुड़े और विकास के संबंध में प्रश्न पूछे गए, तो सांसद गणेश सिंह ने उन प्रश्नों का तथ्यात्मक उत्तर देने की जहमत नहीं उठाई। इसके विपरीत, वे मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए गलत बयानबाजी करने लगे। वहीं जब सतना का व्यापारी शहर की खराब सड़कों के मुद्दे को लेकर धरने पर बैठ गया तो महापौर योगेश ताम्रकार ने भी अपनी गैर जिम्मेदारी को प्रशासनिक गैर जिम्मेदारी तथा व्यापारियों की चेंबर चुनाव की राजनीति बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। यह स्पष्ट करता है कि भाजपा के पास सतना के विकास का कोई विजन नहीं है।
[ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा ]
आरिफ इकबाल ने आरोप लगाया कि सिंगरौली के कोयला ब्लॉक आवंटन और बुंदेलखंड के छतरपुर-पन्ना में केन-बेतवा लिंक परियोजना के नाम पर आदिवासियों तथा गरीब किसानों की जमीनों को जबरन छीनने का काम भाजपा सरकार कर रही है। जबकि जल जंगल जमीन उनका अधिकार है। सरकार विकास का झूठा ढोल पीटकर पूंजीपतियों को फायदा पहुँचाने के लिए मूल निवासियों को उजाड़ रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बलपूर्वक विस्थापन पर तुरंत रोक लगनी चाहिए, उनकी आजीविका सुरक्षित करने के लिए जमीन के बदले उपजाऊ जमीन, पक्के मकान, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा की पूर्ण गारंटी दी जानी चाहिए, दमनकारी नीतियां बंद हों, आंदोलन कर रहे आदिवासी और किसानों, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं और उन्हें अपनी आवाज उठाने की पूरी लोकतांत्रिक आजादी दी जाए।
[ कांग्रेस की होगी अगली सरकार ]
आरिफ इकबाल ने कहा कि अमेरिकन न्याय विभाग द्वारा जारी एपस्टीन फाइलों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अन्य का नाम सामने आने के बाद, भाजपा को इस अत्यंत चिंताजनक अंतरराष्ट्रीय मामले पर देश के सामने आकर एक विस्तृत और पारदर्शी जवाब देना इनकी नैतिक जिम्मेदारी है जिसे यह नहीं निभा रहे हैं।हमारे प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी एक किसान के बेटे हैं, जो मुस्तैदी से जनता की आवाज उठा रहे हैं। उनके खिलाफ की गई ओछी टिप्पणी का जवाब कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता अत्यंत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से देगा। इस अमर्यादित व्यवहार और कुशासन के खिलाफ कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता संकल्पित है। जनता के सहयोग से साल 2028 में मध्य प्रदेश में जनहित की कांग्रेस सरकार बनना तय है। कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार के इस अहंकार और अमर्यादित आचरण की कड़े शब्दों में भर्त्सना करती है। सरकार को अपनी जुबान पर संयम रखकर जनता के बुनियादी सवालों का जवाब देना चाहिए।