■ अहिंसा के पथिक सुरक्षित हों : मुनि श्री समता सागर जी महाराज
सतना। विगत बुधवार 20 मई को रीवा जिला मुख्यालय में ग्रीष्मकाल साधना प्रवास कर रहीं आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या आर्यिका श्री उपशममति माताजी एवं आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी को एक कार सवार द्वारा टक्कर मार दी गई थी। टक्कर इतनी भयानक थी कि आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी का घटनास्थल पर ही समाधि मरण हो गया, वहीं आर्यिका श्री उपशममति माताजी ने श्याम शाह मेडिकल कॉलेज रीवा में समाधि मरण को प्राप्त किया। इस घटनाक्रम को लेकर सोमवार को दिगंबर जैन मंदिर में सकल जैन समाज सतना के तत्वावधान में आर्यिका द्वय के प्रति विनांजलि सभा एवं उक्त घटना के विरोध में मौन जुलूस का आयोजन प्रात 8:00 बजे से किया गया। विनयांजलि सभा को संबोधित करते हुए ज्येष्ठ निर्यापक श्रमण समता सागर जी महाराज ने कहा कि अहिंसा के पथिक सुरक्षित होना चाहिए। जो स्वयं निहत्थे होकर भी जगत को अहिंसा का मार्ग दिखलाते हैं उन सभी की रक्षा करना हमारा दायित्व है। ऐसी कोई भी घटना नहीं होना चाहिए जिसमें किसी भी समाज, किसी भी धर्म, का साधु असमय काल के गाल में समा जाए। ऐसी व्यवस्था बनाना सरकार एवं शासन प्रशासन का कार्य तो है ही साथ ही समाज को भी इन परिस्थितियों में आगे आना चाहिए और बिहार एवं प्रवास के दिनों में साधुओं की रक्षा करने का जिम्मा उठाना चाहिए। सभा को संबोधित करते हुए पूज्य मुनि पवित्र सागर जी महाराज ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए साधु सुरक्षा अधिनियम बनाने की आवश्यकता बताई और कहा साधुओं को बिहार एवं प्रवास के दौरान समुचित सुरक्षा उपलब्ध करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

[ घटना दुर्भाग्य पूर्ण : जीतू पटवारी ]
आर्यिका माताजी को विनयांजलि देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि उक्त घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। घटना की उच्च स्तरीय जाँच की मांग प्रदेश सरकार से करते हुए उन्होंने जैन समाज को कांग्रेंस पार्टी की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
[ सर्व समाज ने की कठोर कार्रवाई की मांग ]
विनयांजलि सभा को संबोधित करते हुए सर्व समाज के अध्यक्ष मणिकांत माहेश्वरी ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की। विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है। साधुओं की सुरक्षा का संकल्प हमें लेना चाहिए। श्री श्वेतांबर जैन संघ ट्रस्ट के प्रचार मंत्री एवं विंध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री संदीप जैन ने कहा कि घटना की जितनी निंदा की जाए वह कम है। आर्यिका माताजी का बलिदान व्यर्थ नहीं होगा। हम शासन प्रशासन से हर स्तर पर विरोध दर्ज कराकर सभी साधुओं की सुरक्षा के लिए संत सुरक्षा अभियान चलाएंगे। यह संत सुरक्षा अभियान तब तक नहीं रुकना चाहिए जब तक कि देश में संतों की सुरक्षा के लिए एक विशेष नीति और सुरक्षा आयोग का गठन नहीं हो जाता। जैन समाज के अध्यक्ष राहुल जैन ने आर्यिका श्री के प्रति विनयांजलि व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिवर्ष देश के विभिन्न प्रांतो में 30 से 40 जैन साधु असमय काल के गाल में समा जाते हैं। ऐसा लगता है कि जैन साधुओं के प्रति यह सुनियोजित साजिश का एक हिस्सा है। प्रशासन से मांग करता हूं कि संत सुरक्षा प्रोटोकॉल का गठन किया जावे और साधुओं को आहार बिहार और प्रवास में संपूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए।
[सर्व समाज हुआ सम्मिलित]
सतना शहर के सामाजिक सौहार्द की मिसाल विनयांजलि सभा में देखने को मिली। विनयांजलि सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ,विश्व हिंदू परिषद,भारत विकास परिषद,जैसे सामाजिक संगठनों के साथ-साथ सर्व समाज,हिंदू पर्व समन्वय समिति, अग्रवाल समाज, सिंधी समाज, वैश्य समाज, सर्व ब्राह्मण समाज, क्षत्रिय महासंघ, गुप्ता समाज, मारवाड़ी समाज के साथ-साथ विभिन्न व्यापारिक संस्थानों विन्ध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स ,क्लाथ मर्चेंट एसोसिएशन,रेडीमेड वस्त्र व्यापारिक संघ, पन्नीलाल चौक व्यापारी संघ के साथ-साथ अनेक व्यापारिक, सामाजिक, राजनीतिक संगठन के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। विनयांजलि सभा के पश्चात उपस्थित जन समुदाय ने श्री दिगंबर जैन मंदिर पन्नीलाल चौक से मौन जुलूस सिटी कोतवाली तक निकाला जिसमें नगर के सभी समाज, विभिन्न व्यापारिक एवं सामाजिक संगठनों के साथ-साथ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि सम्मिलित रहे। इनके साथ ही बड़ी संख्या में मातृशक्ति मौन जुलूस में सम्मिलित होकर सिटी कोतवाली पहुंचीं। सिटी कोतवाली में घटना की उच्च स्तरीय जांच,दोषियों पर तत्काल कार्यवाही, एसआईटी जांच की मांग को लेकर देश की महामहिम राष्ट्रपति, प्रदेश के राज्यपाल, देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रशासन के प्रतिनिधि राहुल सिलाड़िया एसडीएम को सौपा गया। विनयांजलि सभा एवं मौन रैली एवं ज्ञापन सौपने में मणिकांत महेश्वरी,रामावतार चमड़िया,मनमोहन माहेश्वरी, घनश्याम सोनी, राजेश मेहता कमलजीत सिंह,राजदीप सिंह मोनू ,राजभान सिंह,सतीश सुखेजा,हरिओम गुप्ता ,अशोक अग्रवाल,अमित अवस्थी, सहित सैकड़ो की संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
[महापौर ने दी श्रद्धांजलि]
महापौर योगेश कुमार ताम्रकार ने विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए कहा रीवा में दो पूज्य जैन साध्वियों के सड़क दुर्घटना में देवलोकगमन का अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक समाचार प्राप्त हुआ। यह पीड़ादायक घटना समस्त समाज को गहन शोक में डुबो देने वाली है।दिवंगत पूज्य साध्वियों की पावन स्मृतियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल श्रद्धालुओं एवं समस्त जैन समाज को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
