सतना। एयरडिविट उड़ान अकादमी प्रा.लि. को डायरेक्टर जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन डीजीसीए द्वारा रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन के रूप में अधिकृत मान्यता प्राप्त हुई है। यह प्रदेश का पहला ड्रोन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट है, जहां कन्वेंशनल एवं एग्रीकल्चर ड्रोन दोनों का प्रशिक्षण उपलब्ध होगा।
चेयरमैन जयदेव ताम्रकार ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक संस्थान की नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। अब राज्य के युवा, किसान और विद्यार्थी अपने ही प्रदेश में आधुनिक ड्रोन तकनीक सीखकर नए अवसर प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा ड्रोन तकनीक आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्रीय सुरक्षा की मजबूत नींव है। हमारा लक्ष्य जिम्मेदार ड्रोन पायलट तैयार करना है। कुलपति डॉ आलोक चौबे ने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। डायरेक्टर जाग्रत कपूर ने कहा कि हमारा प्रयास है कि संस्थान आने वाले समय में रक्षा, पुलिस, वन विभाग एवं प्रशासनिक संस्थाओं के साथ मिलकर उन्नत प्रशिक्षण और रिसर्च के नए अवसर विकसित करे।
डायरेक्टर कैप्टन रोहित सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा, डीजीसीए नियमों का कड़ाई से पालन, एयरस्पेस अनुशासन और जिम्मेदार ड्रोन संचालन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
