■ एसडीएम और नगर निगम आयुक्त ने किया स्थल निरीक्षण
सतना। सतना सेमरिया मुख्य मार्ग पर बदखर स्थित तालाब को संरक्षित और सुव्यवस्थित किया जाएगा। इस संबंध में मंगलवार को एसडीएम राहुल सिलाड़िया और आयुक्त नगर निगम डाॅ.शेर सिंह मीना ने स्थल निरीक्षण किया। यहां बता दें कि हाल ही में तालाब के पानी में डूब कर दो लोगों की जान गई है,पहले भी घटना हो चुकी हैं। ऐसी दु:खद घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय लोगों ने तालाब संरक्षण की मांग प्रशासन से की थी।
तालाब का निरीक्षण करते हुए एसडीएम राहुल सिलाड़िया और आयुक्त नगर निगम शेर सिंह मीना ने बताया कि हादसों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से इस तालाब के चारों तरफ फेंसिंग करने तथा तालाब में आवाजाही के लिए रास्ता और तालाब किनारे पक्के घाट बनाने पर विचार किया जाएगा। तालाब को सुरक्षित और व्यवस्थित करने के लिए डीएमएफ और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट फंड से काम कराए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। नगर निगम आयुक्त श्री मीना ने कहा कि तालाब के
सौंदर्यीकरण की भी योजना को मूर्त रूप देने का प्रयास किया जाएगा।
[ क्या होता है डीएमएफ ]
डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन यानी जिला खनिज फाउंडेशन डीएमएफ एक गैर-लाभकारी ट्रस्ट है, जो खनिजों रेत, कोयला, पत्थर आदि के खनन से प्रभावित क्षेत्रों और लोगों के कल्याण के लिए काम करता है। मध्य प्रदेश सरकार ने खान एवं खनिज अधिनियम के तहत राज्य के सभी जिलों में
डीएमएफ का गठन किया है।
खनन का काम करने वाली कंपनियों और ठेकेदारों द्वारा सरकार को दिए जाने वाले रॉयल्टी का एक निश्चित हिस्सा उदाहरण के लिए, पुराने पट्टों पर 30 प्रतिशत और नए पट्टों पर 10 प्रतिशत इस फंड में जमा किया जाता है। इसका
मुख्य उद्देश्य खनन वाले क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास करना है। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, और कौशल विकास जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है।इसे खर्च करने का नियम है कि इस फंड का कम से कम 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे- शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा,पर्यावरण पर खर्च किया जाना अनिवार्य है। इस ट्रस्ट का संचालन जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली गवर्निंग बॉडी द्वारा किया जाता है।
[ यह है स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट ]
मध्यप्रदेश स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट फंड, केंद्र और राज्य सरकार द्वारा शहरों के सर्वांगीण विकास के लिए आवंटित वह विशेष वित्तीय राशि है, जिसका उपयोग नागरिक सुविधाओं पेयजल, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आदि मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने, सुगम यातायात, ई-गवर्नेंस और उन्नत बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए किया जाता है। यह केंद्र प्रायोजित योजना है इसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार स्थानीय निकाय 50-50 के अनुपात में फंड साझा करते हैं। इसका उद्देश्य उन्नत तकनीकी का उपयोग करके शहरों को रहने योग्य, स्वच्छ और टिकाऊ बनाना है।मध्यप्रदेश राज्य के 7 प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और सतना को इस योजना में शामिल किया गया है।
[ हाल ही में दो मौतें हुईं ]
स्थानीय लोगों ने बताया कि बदखर के इस तालाब में अक्सर दुर्घटना होती है। तालाब में डूबकर हाल ही में दो मौतें हो चुकी हैं। सोमवार 1 जून की शाम वार्ड क्रमांक 12 बदखर निवासी संतोष रजक का बेटा प्रिंस (18) इस तालाब में डूब गया था, उसे बचाया नहीं जा सका। इसके पहले,शनिवार 30 मई को टपरिया बस्ती निवासी राम बसोर का पुत्र परमानंद (14) इस तालाब में डूबा था। काफी तलाश के बाद शनिवार रविवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे उसका शव बरामद हुआ था।
