■ सात दिन के अंदर होगी कार्रवाई
सतना। शहरी क्षेत्र में नालों पर अतिक्रमण एक प्रमुख समस्या है, जिसके कारण बारिश में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो जाती है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने कार्रवाई का निर्णय लिया है।कलेक्टर ने शहर के प्राकृतिक नालों और नालियों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए 7 दिन की समय सीमा के साथ विशेष निर्देश जारी किए हैं ताकि जल निकासी सुचारू रहे। आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने प्राकृतिक नालों पर हुए अवैध अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए कहा कि नालों के अवरुद्ध होने से जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे जन-धन की हानि एवं सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा बढ़ जाता है।
कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ राजस्व अमले एवं नगरीय तथा ग्रामीण निकायों के सहयोग से क्षेत्र के सभी प्राकृतिक नालों का तत्काल भौतिक सत्यापन कराएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि जल निकासी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके और कहीं भी अवरोध की स्थिति निर्मित न हो। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी नाले पर अवैध निर्माण, अतिक्रमण या अवरोध पाया जाता है तो उसे आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल हटाया जाए। इस कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए 7 दिवस के भीतर विस्तृत कार्यवाही प्रतिवेदन कार्यालय में उपलब्ध करना सुनिश्चित करें।
