■ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उचेहरा का मामला
सतना। सरकार ने आम इंसान की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए सरकारी अस्पताल बनाया है लेकिन नौबत यह है कि रखरखाव और निगरानी के अभाव में अस्पताल की हालत खुद बीमार जैसी है। यह बात जिले के उचेहरा कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के संदर्भ में की जा रही है। इस विषय में प्रशासनिक अधिकारी को एक ज्ञापन भी दिया गया है।
कांग्रेस जनों सहित स्थानीय नागरिकों ने सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत सुधारने के लिए एसडीएम सुमेश द्विवेदी को
ज्ञापन देकर मांग की है कि अस्पताल में सफाई, शुद्ध पेयजल, नियमित बिजली आपूर्ति और सुरक्षा का प्रबंध किया जाए। ड्यूटी के समय डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। अस्पताल में मरीजों के मर्ज की जांच के लिए जो भी उपकरण हैं, उन्हें हमेशा व्यवस्थित रखा जाए ताकि किसी मरीज को जांच के लिए अन्यत्र न भटकना पड़े। अस्पताल में आवारा जानवरों और आसामाजिक तत्वों का प्रवेश रोका जाए।
ज्ञापन देते हुए एसडीएम को अवगत कराया गया कि इन दिनों भीषण गर्मी में जब बिजली की घोषित अघोषित कटौती जारी है तब अस्पताल में आने वाले लोग खासा परेशान होते हैं, जनरेटर है लेकिन इसका इस्तेमाल नहीं किया जाता। यहां ओपीडी में अक्सर गंदगी रहती है।अक्सर रात्रि के समय ड्यूटी डॉक्टरों के साथ-साथ स्टॉफ भी नदारद रहता है। यहां एक्सरे मशीन है लेकिन वह नाम के लिए है, जरूरत पर मरीजों को अन्यत्र जगह से एक्सरे कराना पड़ता है। इसलिए यहां एक्सरे मशीन के साथ ऑपरेटर मुहैया कराया जाए। ज्ञापन सौपने वालों में अतुल गौतम डब्बू, आदित्य प्रताप सिंह, सोनू पाण्डेय , अशोक ताम्रकार ,मनोज वर्मा ,मोइन खान ,लकी खान , शुभम कुशवाहा, विकास कुशवाहा, राम रईस यादव ,फिरोज खान, टिंकू समदरिया सहित अन्य मौजूद रहे ।